नोएडा में जाम के दौरान बुधवार को हुई कारों की छोटी सी टक्कर पर एक युवक महिला प्रोफेसर पर बुरी तरह भड़क उठा।
युवक ने महिला से अभद्रता की, गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और कई किलोमीटर तक पीछा करके परेशान भी किया। ताज्जुब की बात ये कि जब महिला ने कंट्रोल रूम से मदद मांगी, तो मदद की जगह पुलिस ने महिला को नसीहत दे डाली। मामला रोडरेज का है और शिकार हुई हैं नोएडा यूनिवर्सिटी की एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर।
इंदिरापुरम्, गाजियाबाद में रहने वाली रश्मि ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। बुधवार सुबह वह अपनी सहयोगी के साथ कार से यूनिवर्सिटी जा रही थीं। सेक्टर-78 में हनुमान मूर्ति के पास जाम लगने की वजह से उन्होंने साइड से कार निकालने की कोशिश की।
इसी दौरान उनकी कार का साइड मिरर काले रंग की एक आल्टो कार (जीजे 18एएच-0868) के साइड मिरर से टकरा गया। इतनी सी बात पर कार सवार युवक ने उनकी कार के आगे अपनी कार लगा दी। रश्मि ने बताया कि कार से बाहर निकालकर युवक उनसे अभद्रता करने लगा, हाथ उठाने की कोशिश की और गुस्से में उनकी कार का साइड मिरर भी तोड़ दिया।
जब रश्मि कार लेकर आगे निकलीं, तो युवक ने कई किलोमीटर तक उनका पीछा किया। जब महिला प्रोफेसर ने पुलिस कंट्रोल रूम से मदद के लिए 100 नंबर डायल किया, तो उन्हें थाना सेक्टर-49 में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दे दी गई। आखिरकार महिला किसी तरह मंजिल तक पहुंची और शाम को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अब आरोपी को तलाश करने का आश्वासन दे रही है।
आखिर किस काम का डायल 100
मुसीबत के वक्त लोग पुलिस कंट्रोल रूम का 100 नंबर डायल करते हैं। लेकिन, इस घ्ाटना के बाद लोगों की मदद के लिए बना ये नंबर और पुलिस विभाग सवालों के घेरे में है। ऐसे कई मामलों में नंबर लगता ही नहीं। लगता है, तो कभी दिल्ली या फिर गाजियाबाद। सही जगह नंबर लग जाए, तो मदद नहीं मिलती.. सलाह मिल जाती है। महिला प्रोफेसर के मामले में भी यही हुआ। जब कंट्रोल रूम की इस कार्यशैली पर अधिकारियों से सवाल किया गया, तो सीओ थर्ड राजकुमार मिश्र ने जांच की बात कही। साथ ही आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा भी किया।