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इकलाख हत्याकांड में अग्रिम जांच के लिए अर्जी दायर, फारेंसिक रिपोर्ट पर सवाल

Thu, 28 Jul 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : अमर उजाला
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बिसाहड़ा गांव में इकलाख हत्याकांड के मामले में परिजनों ने अदालत में अर्जी देकर हत्याकांड में और आरोपियों के शामिल करने की अपील करते हुए मामले की अग्रिम जांच करने को कहा है। 
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परिजनों ने हत्याकांड में संजय राणा, ओमपाल और कंछी ठेकेदार समेत कुछ और लोगों को आरोपी बनाने को कहा है। साथ ही, इनसे अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ करने की गुजारिश की गई है।

गौतमबुद्ध नगर जनपद न्यायालय में 25 जुलाई को इकलाख के परिवार के लोगों की ओर से वकील यूसुफ सैफी ने धारा 173(8) के तहत अर्जी दी थी। न्यायाधीश ने अर्जी का अध्ययन करने के लिए सरकारी वकील को दी थी। 
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सरकारी वकील ने अर्जी दायर कर दी है। इसमें मामले की और अग्रिम जांच कराने की मांग करते हुए घटना में शामिल लोगों को आरोपी बनाने की मांग की गई है। आरोप है कि गोहत्या मामले में जिन लोगों को गवाह दिखाया गया है। वे मौके पर मौजूद थे।

 उनके द्वारा भी मारपीट करने और अन्य लोगों के बारे में जानकारी होने की बात कहीं गई है। इनसे पूछताछ करने की मांग करते हुए एसएसपी और जारचा पुलिस को भी पत्र दिया गया है।
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बिसाहड़ा कांड - फोटो : फाइल फोटो
अर्जी में कहा गया है कि पुलिस ने ट्रांसफार्मर के पास से दो किलोग्राम मांस बरामद किया था। इसका जिक्र पुलिस की तरफ से तैयार की गई फर्द में है। जबकि जिले के दादरी के वेटनरी डॉक्टर ने रिपोर्ट में चार किलोग्राम मांस लिखा है।

जब मौके से दो किलो मांस बरामद हुआ तो फिर चार किलो मांस कैसे हो गया। वहीं, मंदिर के पूजारी के बयानों की सीडी भी लगाई गई है जिसमें मंदिर के पुजारी ने बयान दिया है कि उससे जबरन घोषणा कराई गई थी। जिन लोगों ने उससे ऐसा कराया था उनके बारे में जानकारी भी दी गई है। वेटनरी डॉक्टर और फॉरेंसिंक जांच रिपोर्ट पर भी कई सवाल उठाए हैं।

‘रिपोर्ट से की गई छेड़छाड़’
इकलाख के वकील यूसुफ सैफी का कहना है कि मथुरा लैब की फॉरेंसिक रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है। रिपोर्ट से छेड़छाड़ की गई है। मांस को जान बूझकर बढ़ाया गया। इसकी पुष्टि डॉक्टर और पुलिस की अलग-अलग मांस रिपोर्ट से हो रही है। 

जिले के वेटनरी डॉक्टर ने पुष्टि की थी कि मांस बकरे का है। जबकि मथुरा लैब ने मांस को गोवंश का बताया है। दो किलो से मांस चार किलो कैसे हुआ इसकी जांच की मांग हमने की है। 

वेटनरी डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि मांस रेड मीट है और उसकी चर्बी सफेद है, जो बकरे की होती है जबकि मथुरा लैब की फॉरेंसिक रिपोर्ट में रेड एंड व्हाइट चर्बी का कोई जिक्र ही नहीं है।

शुक्रवार को आ सकती है टीम
फॉरेंसिक टीम शुक्रवार को बिसाहड़ा गांव आ सकती है। इकलाख पक्ष पर दर्ज गोहत्या के मुकदमे में टीम घटनास्थल का मौका मुआयना करेगी।
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