नोएडा सेक्टर-137 स्थित सुपरटेक इको सिटी के निर्माणाधीन टावर की 13वीं मंजिल से सुपरवाइजर अजय और मजदूर मूलचंद्र की गिरकर मौत होने के मामले में बिल्डर की लापरवाही उजागर हुई है। शुक्रवार को हुए हादसे के वक्त सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे।
पुलिस के अनुसार, अजय मूलचंद्र के साथ साइट पर शटरिंग का काम करा रहा था। वहां मौजूद श्रमिकों ने बताया कि दोनों के पास न तो हेलमेट था और न ही दोनों सेफ्टी बेल्ट बांधे थे। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि बिल्डिंग से सटी शटरिंग टूटने से लोहे का पूरा ढांचा नीचे आ गिरा, जिसमें दोनों की मौत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद मजदूर और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि एहतियात बरती गई होती तो दोनों की जान बच सकती थी।
5 बजे के बाद भी काम में जुटे थे दोनों
वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शुक्रवार को साइट पर 5 बजे काम बंद कर सभी अपने घर को रवाना होने लगे थे। इस दौरान अजय ने मूलचंद से कहा कि शटरिंग का थोड़ा सा काम है, खत्म करके घर चलेंगे लेकिन उससे पहले ही हादसा हो गया।
साइट पर शटरिंग का काम चल रहा था। सुपरवाइजर और मजदूर 13वीं मंजिल पर सरिया काट रहे थे। तभी अचानक सारे पोल गिरने लगे। पोल के साथ दोनों पर गिर गए, जिसमें उनकी मौत हो गई। - रामकिशन, मजदूर
ठेकेदार ने सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट नहीं दिया था। सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। मूलचंद्र को अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। - गायत्री, मृतक मूलचंद्र की बहन
भाई की मौत कैसे हुई है कुछ पता नहीं चला है। लोग बता रहे थे कि शटरिंग का पोल नीचे से खराब था, जिससे हादसा हुआ। एहतियात बरती गई होती तो भाई की जान बच सकती थी। - संजय, मृतक अजय का भाई
दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतकों के परिजनों ने बिल्डर के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। पीड़ित परिजनों ने लिखित में दिया है कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। - दिनेश यादव, सूरजपुर कोतवाली प्रभारी
इस साइट पर शटरिंग का काम नहीं चल रहा था। हादसा कैसे हुआ इसकी जानकारी नहीं है। सभी कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराते हैं। सुपरवाइजर और मजदूर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। - रवि, विष्णु बिल्डर्स (ठेकेदार कंपनी)