प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना लघु उद्योग प्रोजेक्ट में सेंधमारी का मामला सामने आया है। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर शख्स ने इस सरकारी प्रोजेक्ट से जुड़ी फर्जी साइट बनाई और ऑनलाइन बिड निकालकर देशभर के लोगों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए।
दक्षिण जिले की साकेत थाना पुलिस ने मैकेनिकल इंजीनियर को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए उत्तरप्रदेश व दिल्ली में दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आठ लाख रुपये बरामद किए हैं और कई खातों को सील कराया है, जिनमें 50 लाख रुपये जमा हैं। आरोपी को यू-ट्यूब से ठगी का आइडिया मिला था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी ताजगंज आगरा, उत्तरप्रदेश निवासी तरुण गुप्ता (38) है। तरुण की पत्नी प्रियंका फरार है।
तरुण ने लघु उद्योग प्रोजेक्ट से जुड़ी सरकारी जैसी फर्जी साइट स्किल डेवलपमेंट मेंटरिंग(एसडीएम) बनाई और उसकी ऑनलाइन बिड निकाल दी। सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर के लिए टेंडर निकाले गए।
देशभर से काफी लोगों ने टेंडर भरा
देशभर से काफी लोगों ने टेंडर भरा और डिमांड के अनुसार लोगों ने टेंडर के साथ ईएमडी रकम जमा कर दी। कैटेगिरी के हिसाब से किसी ने साढ़े तीन लाख, किसी ने नौ लाख तो किसी ने दस लाख ऑनलाइन जमा करा दिए।
आरोपी ने साइट में अपना पता नेहरू प्लेस का दिया था, जबकि कई अन्य पते भी दिए थे। एक पता लाडो सराय, साकेत का था। जब लोगों ने पैसे जमा करा दिए तो आरोपी अपना ऑफिस बंद कर पैसे निकालकर फरार हो गया।
तरुण की ठगी के शिकार हुए हैदराबाद निवासी अंजनी कुमार सिंह ने साकेत थाने में शिकायत दी। थानाध्यक्ष रणवीर सिंह की देखरेख में एसआई दुर्गादास व हवलदार प्रवीण की टीम ने आरोपी तरुण को शुक्रवार को आगरा के ताजगंज से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने तरुण को शनिवार को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। तरुण के पिता सेल से जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए हैं।