ग्रेटर नोएडा में दनकौर के कस्बे से गायब 10वीं के छात्र और ऑटो चालक आशु का शव सोमवार रात को पुलिस को बिलासपुर के जंगल से मिला। शव सड़ी गली हालत में मिला, जिसकी परिजनों ने शिनाख्त की। देर शाम इसे परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
दनकौर थाना प्रभारी प्रवीण यादव ने बताया कि आशु का कस्बे की एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी भनक लड़की पक्ष के एक व्यक्ति को लग गई थी। इसी मामले को लेकर लड़की पक्ष के उस व्यक्ति ने हिस्ट्रीशीटर बदमाश को दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी।
आशु का अपहरण करके हत्या कराने के आरोप में दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दो फरार हैं। वारदात में चार लोग शामिल थे। वहीं, कस्बे में सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर बदमाश मोनिका ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर 23 अक्टूबर की दोपहर आशु का ऑटो किराये पर लिया। इसके बाद वे उसके ऑटो को देर शाम तक इलाके में घुमवाते रहे।
रात को चारों बदमाशों ने आशु की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को इलाके के ही बिलासपुर कस्बे के नजदीक बाग में फेंक दिया। फिर उन्होंने उसके ऑटो के जरूरी पार्ट निकालकर जला दिए।
हत्या के विरोध में बाजार बंद कर धरने पर बैठा रहा व्यापार संघ
हत्या के स्थान से पांच किलोमीटर दूर 24 अक्टूबर की देर रात हतेवा गांव के नजदीक बाग में आशु का ऑटो जली अवस्था में मिला था। पुलिस ने मामले में कनारसी निवासी रोहित नागर को सोमवार रात हिरासत में लिया था।
उसके अनुसार, उसने अपने एक हिस्ट्रीशीटर साथी के साथ मिलकर आशु का अपहरण कर हत्या करने की साजिश रची थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आशु के शव को बिलासपुर के पास जंगल से सोमवार रात बरामद कर लिया।
इस मामले में रामपुर माजरा गांव निवासी दिलशाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। रोहित नागर और दिलशाद को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। दोनों आरोपी ऑटो चालक ही हैं। पुलिस के अनुसार, मोनिका की गिरफ्तारी के बाद सुपारी देने वाले शख्स और चौथे आरोपी के बारे में पता चल पाएगा।
हत्या के विरोध में पीड़ित परिजनों के समर्थन में व्यापार संघ के लोग मंगलवार को भी बाजार बंद कर धरने पर बैठे रहे। स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थान भी बंद रहे। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन दिन भर आशु का शव आने के इंतजार करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग
आशु के परिजन अंतिम संस्कार करने के बाद देर शाम वापस धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने एसपी देहात डॉ. बृजेश कुमार और एसडीएम बच्चू सिंह को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए मुआवजे की मांग की। उन्होंने मांगें तुरंत पूरी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
परिजनों ने ज्ञापन में चार मांगें रखी हैं। इनमें मामले में लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, परिवार को उचित मुआवजा देने, सीसीटीवी कैमरे थाने में लगवाने और मोबाइल पर धमकियां देने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग शामिल है।
कस्बे के बड़ा मोहल्ला निवासी गुरुचरण सिंह का बेटा आशु (15) बीएल इंटर कॉलेज में दसवीं में पढ़ता था। साथ ही वह ऑटो भी चलाता था। 23 अक्टूबर की दोपहर वह अपने बडे़ भाई के ऑटो को लेकर कस्बे में आया था।
इस दौरान इलाके के ही रहने वाले कुछ लोगों ने उसके ऑटो को पास के ही एक गांव में जाने के लिए किराये पर बुक कर लिया। इसके बाद छात्र का कुछ पता नहीं चला। परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत कोतवाली में दी थी, लेकिन दनकौर पुलिस ने अपहरण को गुमशुदगी में दर्ज कर दिया।
एसपी देहात डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि आशु की हत्या चार बदमाशों ने दो लाख रुपये की सुपारी लेकर की है। हत्या में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है।