गोविंदपुरम स्थित 47वीं वाहिनी पीएसी के हेड क ांस्टेबल ब्रज कुमार तोमर (52) की शुक्रवार दोपहर रहस्यमय हालत में मौत हो गई। उनके सीने में सात गोलियां लगी थीं, जो कि सीने को छलनी कर आर पार हो गई।
गोलियां कारबाइन से चलीं, जो शव के पास पड़ी थी। कविनगर पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच पड़ताल कर रही है। पुलिस प्रथम दृष्टया से इसे सुसाइड केस मान रही है, जबकि मृतक के परिजन जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। लिहाजा साफ नहीं हो सका है कि मामला हत्या, आत्महत्या या हादसा है।
पीएसी कमांडेंट अलंकृता सिंह ने बताया कि ब्रज तोमर मेरठ के फलावदा थानाक्षेत्र के झिंझाडपुर में रहने वाले रतन सिंह के पुत्र थे। 47वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
वह शुक्रवार सुबह ही आठ दिन की छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। वे पीएसी कोत (वह स्थान जहां शस्त्र रखे जाते हैं) की निगरानी में तैनात थे।
दोपहर ढाई बजे अचानक गोलियों की आवाज सुनकर पीएसी के जवान मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ ब्रज तोमर जमीन पर पड़े थे।
आनन फानन में ब्रज तोमर को पीएसी जवान यशोदा अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ मौका-मुआयना और जांच की।
कविनगर एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि कारबाइन से गोलियां चली हैं, जो पड़ी मिली है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि जांच जारी है।
ब्रज तोमर के भांजे नवनीत ने कविनगर एसएचओ से जांच की मांग की है। एसएचओ ने परिजनों को आश्वासन दिया है।