मेवात जिले का जिला मुख्यालय नूंह शहर इन दिनों जुआ-सट्टा वालों का अड्डा बनता जा रहा है। शहर की कोई गली या मोहल्ला ऐसा नहीं है, जहां दिनभर जुआ-सट्टा न खेला जाता हो।
ऐसा नहीं है कि ये बुराई पुलिस विभाग की नजर में न हो, लेकिन फिर भी विभाग का लचर रवैया कायम है और जिला मुयालय के हर मोहल्ले में खुलेआम यह बुराई पनप रही है, जो युवाओं को अपनी गिरत में लेकर उन्हें अपराधों की दुनिया में धकेल रही है।
पुलिस विभाग कभी-कभार छापामारी कर अपनी ड्यूटी पूरी कर देता है। शहरवासियों का कहना है कि इस बुराई पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो शहर में सरेआम लूट, चोरी, डकैती की घटनाएं शुरू हो जाएंगी।
जुआ खेलने की जगह
नूंह शहर में दिल्ली-अलवर रोड़ पर चिलिंग सेंटर के पास बनी झोपड़ियां, जोगीपुर रोड़ पर गैस एजेंसी के पास, रेस्टहाऊस रोड़, पुरानी अनाजमंड़ी नूंह, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नूंह के पीछे, बाल्मिकी मोहल्ला, सेठ चूहीमल की छतरी, पुराने दिल्ली-अलवर रोड़, राममंदिर के पास, मेडिकल कालेज रोड सहित करीब दर्जनभर स्थानों पर दिनभर जुआ-सट्टे का खेल चलता रहता है। इनमें से अधिकांश जगहों के बारे में पुलिस को सूचना दी जा चुकी है, लेकिन फिर भी कोई कार्यवाई नहीं की गई।
किराए पर लेते है मकान
जुआ खिलाने वाले ठेकेदार किराए पर जगह लेकर जुआरियों को जुआ खिलाते है। जोगीपुर रोड़ पर एक ठेकेदार ने 30 हजार रुपए प्रतिमाह के हिसाब से एक कमरा किराए पर लिया है और वहां वह जुआ-सट्टा खिलाने का काम करता है।
पुलिस की रेड़ से बचा जा सके, इसके लिए उन्होंने अपने आदमी दिल्ली-अलवर रोड़ पर बिठाए हुए है, यदि पुलिस की गाड़ी जोगीपुर रोड़ पर जाएगी तो वे अड्डे पर तुरंत सूचना देंगे ताकि खेलने वाले वहां से इधर-उधर हो जाएं।