दिल्ली पुलिस की सुरक्षा के लाख दावे के बावजूद राजधानी में औसतन पांच से ज्यादा महिलाएं रोजाना दुष्कर्म का शिकार हो रही है। वहीं छेड़छाड़ की घटनाओं की वजह से रोजाना 11 महिलाओं को शर्मसार होना पड़ रहा है।
गत वर्ष जहां पांच माह में महिलाओं से दुष्कर्म के 726 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं इस अवधि में अब तक 781 मामले दर्ज हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि वर्ष 2012 में साल भर में दुष्कर्म के 702 मामले ही दर्ज किए गए थे।
उसके बाद से राजधानी में दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वर्ष पांच माह में छेड़छाड़ के 1643 मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2012 में निर्भया कांड के बाद कानून में सख्ती और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कई उपाय किए गए थे।