उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया कि जो लोग कुत्तों को खाना खिलाने आते थे, उनसे एक दिन गुस्से में गेस्ट हाउस संचालक ने इन छोटे कुत्तों को मारने की बात कही थी।
उसने कहा था कि भौंकने से उनके गेस्ट हाउस के मेहमानों को परेशानी होती है। एक मजदूर ने बताया कि डीएलएफ के एक सीवरमैन ने कुत्तों को जमीन में दफनाया है। सीवरमैन की निशानदेही पर एनजीओ को 12 कुत्तों की लाश मिली और 3 की अभी भी गायब हैं।
एनजीओ ने दफन किए कुत्तों को निकालकर चक्करपुर के पशु अस्पताल में ले जाकर पोस्टमार्टम कराया। आरोप है कि डॉक्टर ने पोस्टमार्टम सही से नहीं करते हुए बुखार से मौत का कारण बता दिया।
इस पर उन्होंने डॉक्टर पर भी लापरवाही करने की शिकायत पुलिस को दी है। डीएलएफ फेज-1 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।