बैंक से नीलाम हुआ एक प्लाट दिलाने के झांसा देकर दिल्ली के सरकारी कांट्रेक्टर से 90 लाख रुपये ठग लिए गए। कांट्रैक्टर की शिकायत पर डीएम ने इसकी जांच कराई, जिसमें सदर तहसील के सग्रह अमीन समेत पांच लोगों को दोषी माना गया।
इस बाबत प्रशासन ने संग्रह अमीन को सस्पेंड कर कांट्रैक्टर की तरफ से सग्रह अमीन समेत पांच लोगों के खिलाफ सिहानी गेट कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी अमीन इसी माह रिटायर्ड होने वाला है।
दिल्ली यमुना विहार निवासी हाजी मोहम्मद अली ने बताया कि वह दिल्ली में सरकारी कांट्रैक्टर हैं। वर्ष 2010 में सदर तहसील के सग्रह अमीन मकसूद अली ने उन्हें झांसा दिया कि वे उन्हें इंदिरापुरम के नीतिखंड में एक प्लाट दिला देंगे, जो बैंक से निलाम हुआ है।
उनसे तीन किश्तों में 90 लाख रुपये ले लिए। इनमें 70 लाख रुपये प्लाट और 20 लाख रुपये स्टांप शुल्क के रूप में लेना बताया गया। लेकिन न तो उन्हें प्लाट दिलाया गया और न ही दी गई रकम की रसीदें दी गईं। उन्होंने तत्कालीन जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की, जिसके बाद अमीन ने उन्हें 30-30 लाख के चेक दिए, जो बाउंस हो गए।
इसके बाद सुबूत के तौर पर उन्होंने बाउंस हुए चेक लगाए और फिर डीएम से शिकायत की। डीएम ने एसडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई।
एसडीएम सदर कुणाल सिल्कू ने बताया ने बताया कि जांच में संग्रह अमीन को दोषी पाया गया है। इस मामले में अमीन का एक रिश्तेदार और तीन अन्य लोग भी शामिल थे। इन पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
रिपोर्ट कांट्रैक्टर की तरफ से ही दर्ज कराई गई है। अमीन को सस्पेंड किया जा चुका है। एसएचओ अशोक सिसोदिया ने बताया कि सदर तहसील निवासी अमीन मकसूद अली, बुलंदशहर गनौर निवासी रिश्तेदार शफीक सहित पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है, जांच की जा रही है।