एक सीनियर पुलिस अफसर ने बुलंदशहर गैंगरेप पीड़िता के पिता से बिटिया के लिए मुफ्त शिक्षा और आवास देने का ऑफर दिया। साथ में ‘राजनीति’ से बचने की सलाह भी दी।
सरकार के ‘दूत’ के रूप में देर रात पीड़िता के घर पहुंचे इस अफसर को पिता की तरफ से यह जवाब मिला कि वह यह घोषणा सार्वजनिक रूप से मीडिया के सामने करें।
पिता ने साथ में यह बात भी जोड़ी कि उन्हें किसी सुविधा से पहले तीन महीने के अंदर न्याय चाहिए, वर्ना वे परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
पेशे से चालक पिता ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि वे परसों से बुलंदशहर के एसएसपी को फोन कर रहे थे, लेकिन बात नहीं हो पा रही थी। उन्हें लगा कि इससे पहले के एसएसपी ही सही थे, जिन्होंने 24 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
खैर, कल देर रात में एक सीनियर अफसर ने उनकी सुध ली। अफसर ने उनसे कहा कि आपको गाजियाबाद में जहां आवास चाहिए, वहां मिलेगा। आपकी बिटिया आईएएस बनना चाहती है। उसे जो भी शिक्षा जब तक चाहिए, सरकार की तरफ से मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
पिता ने कहा- मैं पहले आम आदमी हूं
बुलंदशहर गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
पिता ने बताया कि उन्होंने अफसर से कहा कि उन्हें भी बिटिया की पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी तक की चिंता है। इसलिए इस सुविधा की उन्हें दरकार है, लेकिन इससे भी ज्यादा दरकार तीन महीने में न्याय मिलने की है।
अफसर ने कहा कि फरार आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। पिता ने सीनियर अफसर से मांग की कि अगर उन्हें कुछ पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जाएं तो वे हाईवे पर आरोपियों को पकड़वा सकते हैं।
पिता का कहना है कि उन्होंने अपराध के इस ट्रेंड को समझ लिया है कि कैसे वे गाड़ियों को रोककर शिकार को फंसाते हैं। उनके साथ में अगर पुलिसकर्मी हों तो वे हाईवे का राउंड लगाकर ऐसे अपराधियों को पकड़वाने में सहायक हो सकते हैं। इस बात के लिए सीनियर अफसर तैयार नहीं हुए।
पिता ने कहा- मैं पहले आम आदमी हूं
पीड़िता के घर कई दलों के लोग पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा संख्या भाजपाइयों की है। भाजपा नेता वहां यह जरूर बोलते हैं कि पीड़ित परिवार भाजपा से है। इस बारे में पिता ने कहा कि उनके एक भाई भाजयुमो में पूर्व मंडल मंत्री रहे हैं।
इस कारण भाजपा से लगाव रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के परिप्रेक्ष्य में यह नहीं देखा जाना चाहिए कि मैं किस पार्टी का हूं। मैं पहले एक आम आदमी हूं।