फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कई बार बनी दुष्कर्म का शिकार जब बेची गई मामा के हाथों, 9 साल बाद फेसबुक के जरिए मिली पीड़िता

Thu, 11 Jan 2018 10:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
विज्ञापन
rape with minor girl
विज्ञापन

नौ साल पहले एक नाबालिग को उसी के मामा ने अगवा कर एक व्यक्ति को रुपयों की लालच में बेच दिया था। इसके बाद नाबालिग को कई जगहों पर बेचा गया, जहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म हुआ।

विज्ञापन


पिछले दिनों पीड़िता ने फेसबुक पर अपने भाई की फोटो को पहचानकर उससे संपर्क किया। इस पर एक अन्य महिला ने उसकी सहायता की। महिला ने फोन कर परिजनों को ग्रेटर नोएडा में बुलाया, जहां उसने पीड़िता को परिजनों से मिलवाया। परिजन उसे लेकर गुरुग्राम पहुंचे।

यहां पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार मूल रूप से एटा निवासी एक व्यक्ति राम विहार में रहते हैं और सिलाई करने और ऑटो चलाने का काम करते हैं।
विज्ञापन


06 नवंबर 2008 को उनकी करीब सवा 9 वर्षीय बेटी घर के पास से अचानक गायब हो गई थी। इस पर उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग पाया।

पिछले दिनों उन्हें ग्रेटर नोएडा से एक महिला का फोन आया, जिसने उन्हें उनकी बेटी के बारे में बताया। बेटी की सूचना मिलते ही परिजन ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर पहुंच गए।

यहां महिला ने उन्हें उनकी बेटी से मिलवाया। पूछताछ पर उन्हें यकीन हो गया कि यही उनकी बेटी है। इस पर वह उसे अपने साथ गुरुग्राम ले आए। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी।

 राजेंद्रा ंपार्क थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसे दूर के रिश्ते के मामा पुष्पेंद्र ने अगवा कर लिया था और अपने साथ उसे एटा ले गए थे। वहां उसे रुपयों की लालच में किसी दूसरे व्यक्ति के हवाले कर दिया जो उन्हें आगरा ले गया।

आगरा से उसे एटा में संतोष नाम के व्यक्ति को बेच दिया गया। संतोष ने उसे अशोक को बेच दिया। वह काफी लंबे समय से अशोक के साथ ही है। आरोप है कि जब भी उसे बेचा गया तभी उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
विज्ञापन

कुछ वर्ष पहले अशोक उसे नोएडा ले आया। यहां उसने उसे अपने साथ ही नौकरी पर लगवा लिया। यहां से मिलने वाली तनख्वाह को भी वह अपने पास ही रख लेता और उसे किसी से बात नहीं करने देता था। घर पर वह बंधकों की तरह रहती थी।

 करीब डेढ़ वर्ष पहले उसे बच्चा हुआ जिसके बाद से वह घर पर ही रहने लगी। नौकरी के दौरान जमा हुए उसके फंड को उसने निकलवा लिया, जिससे उसने मोबाइल खरीदा। मोबाइल चलाना सीखने के बाद उसने फेसबुक पर भी आईडी बना ली।

फेसबुक पर एक दिन उसने अपने भाई की फोटो देखी जिस पर उसने उससे संपर्क करने का प्रयास किया। इसके बारे में उसने पड़ोस में रहने वाली एक महिला को बताया और उसके जरिए वह अपने भाई के संपर्क में आई।

​पीड़िता को घर पहुंचाने में उसकी महिला पड़ोसी ने पूरी सहायता करते हुए परिजनों से संपर्क कर उसके बारे में बताया। इस पर परिजन उसे गुरुग्राम ले आए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। 

यह मामला सामने आया है। इसकी जांच की जा रही है। परिजनों सहित अन्य लोगों को जांच में शामिल किया जाएगा। - एसीपी मनीष सहगल, मुख्य पुलिस प्रवक्ता, गुरुग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें