पिछले दिनों उन्हें ग्रेटर नोएडा से एक महिला का फोन आया, जिसने उन्हें उनकी बेटी के बारे में बताया। बेटी की सूचना मिलते ही परिजन ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर पहुंच गए।
यहां महिला ने उन्हें उनकी बेटी से मिलवाया। पूछताछ पर उन्हें यकीन हो गया कि यही उनकी बेटी है। इस पर वह उसे अपने साथ गुरुग्राम ले आए। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी।
राजेंद्रा ंपार्क थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसे दूर के रिश्ते के मामा पुष्पेंद्र ने अगवा कर लिया था और अपने साथ उसे एटा ले गए थे। वहां उसे रुपयों की लालच में किसी दूसरे व्यक्ति के हवाले कर दिया जो उन्हें आगरा ले गया।
आगरा से उसे एटा में संतोष नाम के व्यक्ति को बेच दिया गया। संतोष ने उसे अशोक को बेच दिया। वह काफी लंबे समय से अशोक के साथ ही है। आरोप है कि जब भी उसे बेचा गया तभी उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
कुछ वर्ष पहले अशोक उसे नोएडा ले आया। यहां उसने उसे अपने साथ ही नौकरी पर लगवा लिया। यहां से मिलने वाली तनख्वाह को भी वह अपने पास ही रख लेता और उसे किसी से बात नहीं करने देता था। घर पर वह बंधकों की तरह रहती थी।
करीब डेढ़ वर्ष पहले उसे बच्चा हुआ जिसके बाद से वह घर पर ही रहने लगी। नौकरी के दौरान जमा हुए उसके फंड को उसने निकलवा लिया, जिससे उसने मोबाइल खरीदा। मोबाइल चलाना सीखने के बाद उसने फेसबुक पर भी आईडी बना ली।
फेसबुक पर एक दिन उसने अपने भाई की फोटो देखी जिस पर उसने उससे संपर्क करने का प्रयास किया। इसके बारे में उसने पड़ोस में रहने वाली एक महिला को बताया और उसके जरिए वह अपने भाई के संपर्क में आई।
पीड़िता को घर पहुंचाने में उसकी महिला पड़ोसी ने पूरी सहायता करते हुए परिजनों से संपर्क कर उसके बारे में बताया। इस पर परिजन उसे गुरुग्राम ले आए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला सामने आया है। इसकी जांच की जा रही है। परिजनों सहित अन्य लोगों को जांच में शामिल किया जाएगा। - एसीपी मनीष सहगल, मुख्य पुलिस प्रवक्ता, गुरुग्राम