पीसीएस अधिकारी व जीडीए के संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा की बहन को बंधक बनाकर लूटपाट की गई। नकाबपोश बदमाशों ने तमंचे के बल पर शनिवार की रात उनके पैतृक घर केशरूआ बुजुर्ग में वारदात को अंजाम दिया।
लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात व 15 हजार रुपये लुटेरे ले गए। घटना की रिपोर्ट पीसीएस अधिकारी के बहनोई व एसएसपी फैजाबाद के यहां तैनात फालोवर रामअचल वर्मा ने दर्ज कराई है।
तारुन थाना क्षेत्र के केशरूआ बुजुर्ग निवासी ज्ञानेंद्र वर्मा के छोटे भाई मानवेंद्र वर्मा शाहजहांपुर में प्राथमिक स्कूल में अध्यापक हैं। केशरूआ बुजुर्ग गांव में बने मकान में पूराकलंदर थाना क्षेत्र के औघड़पुर निवासी उनके बहनोई रामअचल वर्मा व बहन प्रभावती रहती हैं।
शनिवार को रामअचल फैजाबाद में ही रुके गए थे। प्रभावती मकान से सटे लॉन में और उनकी बेटी बबिता (17 वर्ष) छत पर सो रही थी। प्रभावती के अनुसार रात 12 बजे के बाद तीन नकाबपोश युवक दीवार फांदकर लॉन में आ गए।
चारपाई पर सो रही प्रभावती के हाथ-पैर गमछा व लुंगी से बांधकर घर के सभी कमरों व आलमारी की चाभी लुटेरों ने कब्जा ली। लुटेरे प्रभावती को कमरे के अंदर ले गए और कौन चाभी किस आलमारी में लगती है इसकी जानकारी भी ली।
प्रभावती के अनुसार सभी लुटेरे नई उम्र के थे, जिसमें से एक लुटेरा बार-बार गोली मारने की धमकी दे रहा था। लूट के विरोध पर लुटेरों ने मारपीट भी की। पीड़िता ने बताया कि लुटेरे सोने के दो हार, आधा दर्जन कंगन, बाली, झुमकी, अंगूठी, चैन, मंगलसूत्र, पायल व अन्य जेवरात सहित लगभग 15 हजार नकद पर हाथ साफ कर गए।
बिना जल्दबाजी किए लुटेरों ने रात तीन बजे तक घटना को अंजाम दिया। बदमाश प्रभावती को बंधी अवस्था में ही छोड़कर फरार हो गए। प्रभावती ने धीरे-धीरे खिसककर कमरे के बाहर आकर शोर मचाया तो छत पर सो रही बेटी ने उन्हें बंधन मुक्त कराया। ज्ञानेंद्र वर्मा ने इस संबंध में एसएसपी फैजाबाद केबी सिंह से बात की है।