नोएडा में साइबर क्राइम अन्वेषण केंद्र का उद्घाटन करने के बाद सूरजपुर स्थित एसएसपी कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जावीद अहमद के सामने शिकायतों का अंबार लग गया। जीबीयू में एमफिल छात्रा के साथ हुए यौन शोषण के मामले में छात्रा के परिजनों ने डीजीपी से मुलाकात कर प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग की।
साथ ही इकोटेक-1 कोतवाली पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जांच अधिकारी (आईओ) बदलने की बात कही। इस पर डीजीपी ने भी परिजनों को सही जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि पहले पुलिस परिजनों को डीजीपी से मिलने के लिए रोक रही थी।
इसके बाद डीजीपी से मिलने के लिए शिकायत कर्ताओं की लाइन लग गई। प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इस दौरान डीजीपी ने दादरी के चिटहेरा गांव स्थित कमल होटल पर कुछ माह पहले हुई सेल्स टैक्स चोरी के मामले में मारपीट के पीड़ितों की बात सुनीं। नोएडा के सेक्टर-24 में पति-पत्नी के विवाद के मामले में पुलिस को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के पाली गांव में कुलदीप नाम के युवक को गोली मारने के मामले में पीड़ित परिजनों ने डीजीपी को प्रार्थना पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में एक महिला डीजीपी से मिलकर आरोपियों पर कार्रवाई कराने की मांग की।
अचानक पुलिस लाइन पहुंच डीजीपी ने चौंकाया
डीजीपी ने एसएसपी ऑफिस में कंट्रोल रूम समेत अन्य विभागों का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों से बातचीत की। वहां पर फाइलों की जांच करते हुए सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मेरठ में होने वाली बैठक में जाने की बात कहते हुए रवाना हो गए, लेकिन मेरठ जाने से पहले पुलिस लाइन की ओर चल दिए।
उनके पहुंचते ही सभी पुलिसकर्मी अलर्ट हो गए। डीजीपी के पहुंचने की सूचना एसएसपी को हुई, इतने में सारे अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस लाइन में करीब 20 मिनट तक रुककर वहां का जायजा लिया।
बदली थानों की सूरत
डीजीपी के दौरे की वजह से ग्रेटर नोएडा के सभी थाने गुलजार दिखाई दिए। साफ-सफाई से थाने चमक रहे थे। दरअसल, डीजीपी द्वारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के एक-एक थानों का दौरा करना प्रस्तावित था, जिसको लेकर सभी थाने दुरुस्त दिखाई दिए।