दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सात राज्यों में वांछित मेवाती गैंगस्टर को यूपी पुलिस के सहयोग से बरसाना, यूपी से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। गैंगस्टर व उसके साथी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी।
बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण पुलिसकर्मी बच गए। आरोपी वर्ष 2015 में मध्य प्रदेश पुलिस की कस्टडी से पांच साथियों समेत फरार हो गया था। गिरफ्तार गैंगस्टर पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार व यूपी पुलिस ने 15 हजार का इनाम रखा हुआ था। दिल्ली पुलिस मकोका के केस में आरोपी की तलाश कर रही थी।
स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाहा के अनुसार मध्यप्रदेश पुलिस पांच गैंगस्टर शेरखान, साहुन, लीलू उर्फ फौजी, सरवर पहलवान और लियाकत को 26 दिसंबर, 2012 को उज्जैन जेल से भोंडसी जेल लेकर जा रही थी।
इन्होंने पुलिसकर्मियों को दूध में नशीला पदार्थ पिला दिया था और पांचों पुलिसकर्मियों को हथियार लेकर फरार हो गए थे। हालांकि सरवर पहलवान मौके पर ही पकड़ा गया था जबकि लियाकत ने अगले दिन सरेंडर कर दिया था।
स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिव कुमार को सूचना मिली थी शेरखान अपने साथी साहुन के साथ बरसाना होकर अपने गांव बिशंबरा, मथुरा आएगा। सूचना के बाद दिल्ली पुलिस बरसाना पहुंची और बरसाना थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर उदय प्रताप से सहयोग मांगा।
इंस्पेक्टर शिवकुमार को फिर सटीक सूचना मिली कि दोनों बदमाश 20 दिसंबर तड़के बिशंबरा गांव जाएंगे। पुलिस टीम ने इनको बाइक से कोसीकलां जाते हुए घेर लिया। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग करना शुरू कर दी।
गोली इंस्पेक्टर शिव कुमार, उदय प्रताप व एसआई प्रदीप यादव को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट के चलते वह बच गए। अपने बचाव में दिल्ली पुलिस व यूपी पुलिस ने भी फायरिंग की थीं।
आखिरकार पुलिस ने शेरखान (30) को दबोच लिया, जबकि साहुन अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इनके कब्जे से नौ कारतूस के साथ 7.65 एमएम की स्वचालित पिस्टल, बैग से 20 कारतूस के साथ 9 एमएम की स्वचालित कारबाइन बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ बरसाना पुलिस स्टेशन, यूपी में मामला दर्ज किया गया है।
ताबड़तोड़ दिया वारदात को अंजाम
शेरखान ने पूछताछ में बताया कि पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद उसने साहुन व लीलू के साथ कई जगह पनाह ली थी। पुलिस की सख्ती बढ़ी तो वह दक्षिण भारत चला गया। उसने इन दोनों साथियों के साथ पिछले एक वर्ष में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली व तेलंगाना में फिरौती के लिए अपहरण, दो पेट्रोल पंप पर लूटपाट, दस कार जैकिंग, दो एटीएम लूटपाट और छह ट्रक जैकिंग आदि वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से 20 आपराधिक वारदात को सुलझाने का दावा किया है।
हारून से चल रही है गैंगवार
आरोपी ने बताया कि कि उसकी व साहुन की हारून से गैंगवार चल रही है। हारून साहुन के गांव का रहने वाला है। शेरखान व साहुन ने हारून के पिता व चाचा की हत्या कर दी थी। इसका बदला लेने के लिए हारून ने साहुन के परिवार के चार सदस्यों की हत्या कर दी थी। हारून व उसके साथियों पर जानलेवा हमला करने के लिए कारबाइन व मैगजीन खरीदी थी।
दिल्ली में मकोका के केस में वांछित था
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आठवीं में पढ़ाई छोड़ने के बाद शेरखान गलत संगत में पड़ गया था। इसके बाद ये सल्ली व जाफरू भाइयों के मेवाती गिरोह में शामिल हो गया। नुंह पुलिस ने इसे वर्ष 2008 में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2010 में जेल से बाहर आने के बाद लूटपाट की कई वारदात की।
गुडग़ांव पुलिस ने 2012 में फिर गिरफ्तार किया। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2013 में इसके खिलाफ मकोका लगा दिया था। सल्ली व जाफरू गिरोह का सक्रिय सदस्य होने के कारण इसके खिलाफ मकोका लगाया गया। ये ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हुआ था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसके ऊपर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।