कार में जीपीएस लगा था। इसकी मदद से पुलिस बुराड़ी इलाके में पहुंची। पुलिस को वहां कार खड़ी मिली। निगरानी कर कार को लेने पहुंचे एक शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान प्रमोद नागर के रूप में हुई। प्रमोद ने बताया कि उसका छोटा भाई अमित जिम और फिटनेस सेंटर के पास पार्किंग में खड़ी कारों को चोरी करता है।
इसके लिए वह पहले उस जिम में आना जाना शुरू करता है और डिमांड होने पर उस कार की चाबी की चोरी कर वाहन उड़ा लेता है। चोरी की गई कार को पहले किसी सुनसान जगह पर पार्क कर देते हैं। संभल के रहने वाले खरीददार सद्दाम और सारिक उन वाहनों के चेसिस नंबर को बदल देते हैं और फिर उसकी फर्जी कागजात तैयार कर उसे ड्राइवर कासिफ की मदद से मिजोरम भेज देते हैं।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर पीरागढ़ी इलाके से अमित और कासिफ रजा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से सफारी कार बरामद की। बाद में पुलिस इनकी मदद से मिजोरम के खरीददार कनसम राजेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से पांच वाहन बरामद कर लिया है।
वाहन चोरों को एक गाड़ी से मिलते थे डेढ़ लाख रुपये
अमित ने पूछताछ में बताया कि डिमांड पर लग्जरी कारों की चोरी करने पर उसे एक से डेढ़ लाख रुपये मिलते थे। जबकि खरीददार सद्दाम और सारिक इन वाहनों को मिजोरम तक पहुंचाने वाले ड्राइवर को एक लाख रुपये देता था। मिजोरम के खरीददार राजेश सिंह सद्दाम को इन गाड़ियों का पांच से छह लाख रुपये देता था। फिर उसे 10 से 12 लाख में बेच देता था।