नियमानुसार गाड़ी बेचने के 90 दिन में लोन की राशि बैंक को चुकानी होती थी। टेस्ट ड्राइव गाड़ी के मामले में आरोपी 6 महीने तक टेस्ट ड्राइव में गाड़ी प्रयोग करते थे और उसके बाद बेचते थे। इस पर लिए गए लोन को चुकाने की भी यही प्रक्रिया थी।
जांच में हुआ खुलासा
बैंक से लोन लेने के बाद आरोपी हर बार जो दस्तावेज लगाते थे उसमें एचडीएफसी बैंक प्रबंधन को गड़बड़ी लगी। एचडीएफसी बैंक अधिकारियों ने जब आरोपियों के शोरूम पर जांच की तो पता लगा कि लोन पर ली गई गाड़ियों को बेच दिया है। आरोपी के शोरूम में 200 गाड़ियों की खरीद हुई थी जिसमें से 170 गाड़ियों को बेच चुके थे, लेकिन एक भी गाड़ी का लोन नहीं चुकाया।
जांच में खुलासा होने पर दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी। आरोपियों के विदेश भागने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट पर भी इसकी सूचना दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।-मनीष सिन्हा, मीडिया प्रभारी, एचडीएफसी बैंक