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साइबर सिटी में तेजी से बढ़ रहे धोखा देने के  मामले, रोजाना दो मामले पुलिस थानों में हो रहे दर्ज

Mon, 07 Nov 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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Fraud
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साइबर सिटी धोखा देने वालों की सिटी बनती जा रही है। यहां एक-दो नहीं, बल्कि सैकडों लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं। धोखाधड़ी के मामलों में आमजन से लेकर बड़े निवेशक तक फंसे हुए हैं। आंकडों पर गौर करें तो यहां धोखाधड़ी के दो से अधिक मामले रोजाना दर्ज हो रहे हैं। 305 दिनों में अब  तक धोखाधड़ी के 605 मामले पुलिस थानों में दर्ज हो चुके हैं। 
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द्रोण की धरती पर गुरुग्राम में अपने आशियाने का सपना देखने वाले लोगों को यहां सबसे अधिक ठगा गया है। बड़े-बड़े वादे कर और सपने दिखाकर उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई कई-कई वर्षों से बिल्डरों के कब्जे में है, लेकिन निवेशकों को अभी तक मकान मुअस्सर नहीं हुआ है। ऐसे में निवेशक पुलिस की शरण ले रहे हैं। कई बड़े बिल्डरों के खिलाफ यहां धोखाधड़ी के केस दर्ज हुए हैं। कुछ मामलों में तो पीड़ितों को अदालत का दरवाजा तक खटखटाना पड़ा, उसके बाद ही बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज हो सके। 

इसके अलावा जेवरात पहने बुजुर्ग महिलाओं को भी पुलिसकर्मी बताकर ठगा गया। जमीन खरीद मामलों में भी कई ऐसे केस दर्ज हुए हैं। इसके पीछे यह भी माना जा रहा है कि यहां महंगी होती जमीन की कीमतें भी लोगों के लालच को बढ़ा रही है। जिससे लोग वादों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। 
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रोजाना किसी न किसी पुलिस थाने में धोखाधड़ी के केस दर्ज होना यहां आम बात हो गई। जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यहां धोखा देने वालों की संख्या में रोजाना इजाफा हो रहा है। पुलिस के आंकडों पर गौर की जाए तो ऐसे मामलों का ग्राफ दिनों दिन बढ़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले में इस वर्ष ऐसे मामलों में बढोतरी दर्ज की गई है। जिससे लेन देन के मामलों में लोगों का विश्वास भी एक-दूसरे पर कम होता जा रहा है। 

अदालत के संज्ञान पर जगी आस:
छोटे मामलों को छोड़ दिया जाए तो बिल्डरों के यहां निवेशकों का सबसे अधिक पैसा फंसा हुआ है। पीड़ितों की सुनवाई यदि प्रशासन और पुलिस के स्तर पर नहीं हो रही है तो वह अब अदालत का दरवाजा खटखटाने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में अदालत ने संज्ञान भी लिया है। जिसके बाद निवेशकों की आस कुछ जगी है। वहीं, कुछ मामलों में पुलिस भी आर्थिक सैल की मदद से धोखाधड़ी के मामलों को सुझलाने में लगी हुई है। 

वर्ष        2015        2016
दर्ज मामले    500        615

धोखाधड़ी के केसों में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण यह है कि पिछले काफी पेंडिंग पडे के सों को दर्ज किया गया है। इसके शिकार लोगों की सुनवाई अधिक हो रही है। ऐसे में मामलों को सुलझाने के लिए आर्थिक और साइबर सैल की मदद ली जा रही है, ताकि आम आदमी को राहत दी जा सके। -संदीप खिरवार, पुलिस आयुक्त, गुरूग्राम
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