बारह वर्ष पहले दंपत्ति की हत्या के मामले में पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए शनिवार को अतिरिक्त सेशन जज विमल सपरा ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पांचों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद दोषियों को भोंडसी कारागार भेज दिया।
इस मामले में अदालत ने इन आरोपियों को बुधवार को दोषी करार दिया था। जबकि इसी मामले में आरोपी बनाए 6 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। तीन आरोपियों की अदालती कार्यवाई के दौरान मौत हो चुकी थी। यहां बता दें कि मृतक दंपत्ति के दो बेटे हरियाणा की विभिन्न अदालतों में जज हैं।
बता दें कि 11 सितंबर 2004 को पुन्हाना खंड़ के गांव शिकरावा निवासी रसीद और उनकी पत्नी मकसूदन अपने घर में सोए हुए थे। रात के समय इनकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। जिसमें पुन्हाना पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने 5 आरोपियों को 2006 में तथा 9 आरोपियों को वर्ष 2008 में गिरतार किया था। इस दौरान केस की सुनवाई शुरू हुई तो 3 आरोपी यादराम, हिदायत व नंदी की मौत हो गई थी।
जबकि 6 आरोपी अजीज, आस मोहमद, नियामत, हकमुद्दीन, पहलू और सुजात को सबूतों के अभाव में बुधवार को अतिरिक्त सेशन जज विमल सपरा ने बरी करार दिया था।
वहीं 5 आरोपी अब्दुल्ला, खुर्शीद, हमीदा, जफर और लियाकत को दोषी करार दिया था। जिन्हें शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई तथा उन्हें दस-दस हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया।
न्यायधीश ने गवाहों की गवाही व घटनास्थल के आस-पास घटना के समय आरोपियों की मौजूदगी दोषी करार देने में अहम सबूत बने। वहीं जिन आरोपियों को बरी किया गया है, उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया है।