दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वाहनों की चोरी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो चोरी के वाहनों को कंटेनर से पूर्वोत्तर राज्यों में भेजते थे। पुलिस ने इस गिरोह के एक चोर व चार रिसीवर को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से चोरी की 28 लग्जरी गाडिय़ां बरामद की गई हैं और वाहन चोरी के 50 मामलों को सुलझाने का दावा किया है। ये गिरोह दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय था।
अपराध शाखा डीसीपी राजेश देव के अनुसार राहुल नारंग ने अपनी हुंडई आई-20 कार केराजौरी गार्डन से चोरी होने की शिकायत 30 जुलाई को दर्ज कराई थी। वाहन चोरी की वारदातों को देखते हुए इंस्पेक्टर नीरज चौधरी की देखरेख में एसआई कुलदीप, एएसआई गुलाब सिंह व हनीश की विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम को जानकारी मिली थी कि चोरी की कारें हरियाणा से कंटेनर से नागालैंड आदि राज्यों में भेजी जाती हैं।
इस पुलिस टीम ने तीन रिसीवर रोहतक, हरियाणा निवासी नरेन्द्र सिंह(49), लाल बहादुर उर्फसिल्लू(39) और मेरठ, यूपी निवासी सारिक(28) को 15 दिसंबर को रेहता रोड मेरठ कैंट, फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
इनके कब्जे से चोरी की स्क्रोर्पियो कार मिली। इन आरोपियों ने बताया कि इन्हें चोरी के वाहन घ्रौंदा, करनाल हरियाणा निवासी सोनू(29) देता है। इसके बाद सोनू को पानीपत, हरियाणा से 21 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया गया।
सोनू केकब्जे से स्वीफ्ट डिजायर बरामद की गई। इसके कब्जे से गाड़ी चुराने के लिए काफी उपकरण, ईसीएम का डीकोड, ईसीएम, ड्रिल मशीन और कोड स्क्रेनर आभिद बरामद किया गया है।
इसकेबाद एक और रिसीवर रोहतक, हरियाणा निवासी विजय दहिया उर्फजॉनी को साहिबाबादस्त्र से 27 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस टीम अभी भी कई जगह दबिश दे रही है। सोनू पहले मारूति की पानीपत व करनाल में स्थित रजिस्टर्ड वर्कशॉप में मैकेनिक था।
इसके बाद उसने कार चोरी करगना शुरू कर दिया। इसने कार चोरी के लिए कोड-डिकोड स्क्रेनर, ईसीएम, बीसीएम आदि खरीद रखे थे। ये चोरी केवाहनों को एक्सीडेंट में पूरी तरह खत्म हो चुकेवाहनों के कागजों से जोड़ देता था।
ये चोरी के वाहन के एक्सीडेंट में खत्म हो चुके वाहन के इंजन व चैसिस नंबर बदल देता था। ये एक्सीडेंट के वाहनोंको उसके कागजों समेत खरीदता था। नरेन्द्र व विजय सोनू से चोरी केवाहन लेकर कंटेनर से नागालैंड भेजता था।