जारचा थाने में शुक्रवार शाम इकलाख समेत सात परिजनों पर गोवध अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। अब जारचा थाना पुलिस मामले में जांच कर रिपोर्ट देगी।
गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय से बृहस्पतिवार को 156/3 के तहत इकलाख और उसके परिजनों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया था। बृहस्पतिवार को कोर्ट से आदेश की प्रतिलिपि न मिलने के कारण मामला दर्ज नहीं हुआ था।
क्षेत्राधिकारी अनुराग यादव ने बताया कि शुक्रवार रात 7:30 बजे थाने के पैरोकार कोर्ट से आदेश की प्रतिलिपि लेकर जारचा थाने पहुंचा। करीब आठ बजे मामला दर्ज किया गया।
जांच अधिकारी की होगी नियुक्ति
एफआईआर में जान मोहम्मद पुत्र शमीद खां, असगरी पत्नी शमीद खां, इकरामन पत्नी इकलाख, दानिश खां पुत्र इकलाख, शाइस्ता पुत्री इकलाख, सोना पत्नी जफरुद्दीन और इकलाख (अब मृतक) पुत्र शमीद खां सभी निवासीगण बिसाहड़ा के खिलाफ 3/8 गोवध अधिनियम और 3/11 पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। जानकार बताते हैं कि आरोपी इकलाख की मौत हो चुकी है ऐसे में उसका नाम जांच में हट जाएगा।
जांच अधिकारी की होगी नियुक्ति
जारचा थाना स्तर पर मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए थाना स्तर पर जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी, जो गोहत्या मामले की जांच करेंगे। इनमें सभी आरोपियों और गवाहों से बातचीत कर गुण-दोष के आधार पर कार्रवाई होगी।
- अभिषेक यादव, एसपी ग्रामीण
गोहत्या में अधिकतम दस साल की सजा
गोवध अधिनियम 3/8 में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इसमें अधिकतम दस साल तक की सजा का प्रावधान है। पूर्व में इसमें सात साल की सजा होती थी। अखिलेश सरकार ने सजा बढ़ाकर दस साल कर दी है। 3/11 पशु क्रूरता अधिनियम में अधिकतम छह माह की सजा या दस हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
- प्रमेंद्र भाटी, अधिवक्ता