क्षेत्र में हत्या, जघन्य अपराधों के चलते बदमाशों के खौफ से करीब 24 से अधिक लोगों को पुलिस सुरक्षा मिली हुई। वहीं 12 लोग सुरक्षा देने की मांग कर रहे हैं। सुरक्षा मिलने के बावजूद भी हत्या के मामलों में गवाह गवाही देने से मुकर रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस सुरक्षा को स्टेट्स सिंबल बना लिया है।
पिछले दस साल में दादरी क्षेत्र में व्यापारियों से बदमाशों के दो गिरोह रंगदारी मांगते रहे हैं। रंगदारी नहीं देने पर व्यापारियों पर हमले और हत्याएं भी हुई हैं। रंगदारी का विरोध करने के चलते व्यापारी नेता विजय पंडित की हत्या कर दी थी। बदमाशों के डर से रंगदारी का धंधा जोर पकड़ा। रंगदारी वसूली के चलते नगर से कई व्यापारी शहर छोड़ चुके हैं।
बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई व्यापारियों को सुरक्षा दी गई। लेकिन जब न्यायालय में बदमाशों के खिलाफ गवाही का समय आया तो गवाह अपने बयान से मुकर जाता जिससे पुलिस प्रशासन को मुंह की खानी पड़ी है।
सुरक्षा के अलावा घरों पर लगी पुलिस की गारद
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
क्षेत्र में कमल भाटी, कुंदन भाटी, बंटी शर्मा , गीता पंडित, दिनेश पंडित, अजय कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, प्रदीप जैन, देवकी नंदन, कपिल शर्मा, जान मोहम्मद, सरताज समेत 24 लोगों को पुलिस सुरक्षा मिली है।
पूर्व में रंगदारी का विरोध करने वाले व्यापारी नेता विनोद गोयल की हत्या के मामले में उसके साथी व्यापारी ने सुरक्षा मिलने के बावजूद भी गवाही नहीं दी थी। अधिकतर सुरक्षा लेने वाले लोग न्यायालय में विचाराधीन मामलों में गवाही नहीं देने के प्रकरण सामने आए हैं।
यहीं नहीं कई मामले में गवाह गवाही देने से मुकर गए। जिससे लोगों ने सुरक्षा के नाम पर स्टेट्स सिंबल बना लिया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह का कहना है कि कई लोगों को सुरक्षा के अलावा घरों पर पुलिस की गारद भी लगी है। कुछ लोगों ने शासन व अन्य प्रकार से पुलिस सुरक्षा ले रखी है।