पत्नी के चरित्र पर शक करने वाले राजकुमार ने सात साल की बेटी रागिनी को इस चिंता से झील में डुबो कर मारा था कि कहीं वह भी बड़ी होकर मां की राह पर न चली जाए। डीएलएफ क्राइम ब्रांच टीम ने 11 अक्तूबर को सूरजकुंड धुर्वा डेरा के पास एक झील में मिले सात साल की बच्ची रागिनी के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पिता राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया।
मालूम हो कि धुर्वा डेरा में रहने वाले दिहाड़ी मजदूर राजकुमार ने 9 अक्तूबर को सूरजकुंड थाने में बेटी रागिनी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उस रात उसकी पत्नी छत पर सोई थी और बेटी रागिनी उसके साथ नीचे कमरे में लेटी थी।
रात करीब दो बजे उसकी आंख खुली तो बेटी बिस्तर नहीं थी। 11 अक्तूबर को रागिनी का शव धुर्वा डेरे से करीब सौ मीटर दूर स्थित एक झील में तैरता हुआ मिला था। पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण और हत्या के केस में तरमीम कर जांच शुरू कर दी थी।