सीमापुरी इलाके में कर्जदाताओं से पीछा छुड़ाने के लिए एक पिता ने दस साल के अपने ही बेटे को अगवा करने का ड्रामा रचकर फिरौती की झूंठी कॉल कर दी। लेकिन आरोपी अपने ही बुने जाल में फंस गया।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर बच्चे को मुरादाबाद से सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस को आरोपी के भतीजे की भी तलाश है। आरोपी पिता की पहचान मुबारकपुर बिजनौर निवासी मोहम्मद अय्यूब (40) के रूप में हुई है।
पुलिस की मानें तो उस पर 40 हजार रुपये का कर्जा था। उनसे पीछा छुड़ाने के लिए आरोपी ने अपने भतीजे ताजिम (25) के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। फिलहाल ताजिम फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ.अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि कलंदर कालोनी, दिलशाद गार्डन निवासी मोहम्मद अय्यूब ने 12 अप्रैल को सीमापुरी थाना पुलिस को सूचना दी थी कि उसका बेटा अमन उर्फ कैफ (10) अचानक गायब हो गया है।
छानबीन के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इस बीच 17 अप्रैल अमन की मां अमीर जहां के मोबाइल पर फिरौती की कॉल आई।
आरोपियों ने बच्चे को छोडने के एवज में सात लाख रुपये की मांग की। परिवार ने फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी। एसीपी हरेश्वर वी. स्वामी और एटीओ सीमापुरी जोगिंद्र प्रसाद की टीम ने मामले की छानबीन शुरू की।
एसीपी ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि कॉलर ने दो अलग-अलग नंबरों से अमीर जहां के अलावा अय्यूब के एक जानकार मेहंदी हसन को भी कॉल की थी।
पुलिस ने मेहंदी हसन, जिसके नाम दोनों सिम इश्यू कराए गए इसके अलावा जिस वैंडर से सिम खरीदे गए, उन्हें उठा लिया। सभी से पूछताछ के बाद पुलिस को अमन के पिता व उसके भतीजे पर शक हुआ।
पूछताछ करने में अय्यूब टूट गया। उसने बच्चे का अगवा करने की सारी योजना पुलिस को बता दी। आरोपी ने बताया कि उसने अपने भतीजे के साथ बेटे को मुबारकपुर, बिजनौर बाद में उमरी कला और संभल भेजा। पुलिस ने अमन को उमरीकला, मुरादाबाद से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अय्यूब के भतीजे ताजिम की तलाश कर रही है।