विकासपुरी थाना पुलिस ने फेसबुक पर महिला के नाम से दोस्ती कर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो नाइजीरियन समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से कई एटीएम कार्ड, लैपटॉप और मोबाइल बरामद हुए हैं। आरोपियों ने बैंक ऑफ इंडिया के एक पूर्व वरिष्ठ मैनेजर को प्राकृतिक बीज बेचने से अच्छी आमदनी होने का झांसा देकर उनसे करीब दो करोड़ रुपये ठग लिए हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाइजीरिया निवासी कुवोमा, प्रिंस बीन नोका, जयपुर निवासी राजेश खन्ना और दिलीप कुमार के रूप में हुई है।
उपायुक्त के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व वरिष्ठ मैनेजर भारत भूषण कौल ने 11 जुलाई को विकासपुरी थाने में ठगी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि अप्रैल में एंबी बेल नाम की महिला ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
एंबी बेल ने अपने को ग्लासगो की ज्वेलरी विक्रेता बताया। 2 जून को एंबी बेल ने अपनी एक सहेली डॉक्टर रिचेल ग्रीन की मदद करने का आग्रह किया। जो पुर्तगाल की रहने वाली थी और बायो फार्मा कंपनी में काम करती थी।
दो-तीन फीसदी रकम के लिए देता था अकाउंट नंबर
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3 जून को रिचेल ने भारत भूषण को एक मेल किया। इसमें उसने बताया कि वह भारत आकर प्राकृतिक बीज खरीदना चाहती है। यह बीज गंभीर बीमारी के इलाज में सहायक है।
उसने बताया कि पुर्तगाल में उसने स्थानीय डीलर से 60 लाख रुपये में बीज खरीदकर, उसे कंपनी को तीन लाख डॉलर में बेच दिया था। इससे उसे काफी फायदा हुआ। एंबी ने भारत भूषण को भी बीज खरीदकर फायदा उठाने के लिए कहा।
इसके बाद अनीता नाम की महिला ने खुद को डीलर बताकर उससे संपर्क किया और बीज के लिए भारत भूषण से एक करोड़ 27 लाख और दोबारा 62 लाख रुपये बैंक अकाउंट में डलवा लिए।
जब भारत भूषण ने इंटरनेट पर उस कंपनी की जांच की, तो पता चला कि इस नाम की कोई कंपनी नहीं है। भारत भूषण की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच की और सर्विलांस के जरिये जयपुर से राजेश खन्ना और दिलीप कुमार को दबोच लिया।
इनकी निशानदेही पर पुलिस ने दिल्ली से दोनों नाइजीरियन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं। इनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दो-तीन फीसदी रकम के लिए देता था अकाउंट नंबर
पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह जयपुर निवासी राजेश खन्ना के बैंक अकाउंट में रुपये मंगवाता था। राजेश अकाउंट में आने वाली रकम से दो-तीन फीसदी रुपये ले लेता था। राजेश ने पुलिस को बताया कि यह सब वह दिलीप कुमार के कहने पर करता था। पुलिस को उसके बैंक अकाउंट में 32 लाख रुपये मिले हैं।