अपनी तीन बेटियों, एक बेटे की पढ़ाई और करियर की पापा को कोई परवाह नहीं है। पांच माह से उन्होंने घर में कोई खर्च नहीं दिया। इसके बावजूद उन्होंने दो लड़कियों को घर में रखा है। वह कहते हैं कि उन्होंने दोनों को बेटी बनाकर गोद लिया है।
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ऐसा कोई इंसान होगा जो अपनी तीन बेटियों के होते हुए उनका दिल दुखाकर दो लड़कियों को गोद ले। यह दर्द अकबरपुर क्षेत्र से भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अरुण तिवारी उर्फ बाबा की बेटियों का है।
बड़ी बेटी ने बताया कि एमबीए करने के बाद पिता की हरकतों से तंग आकर बाहर रहने लगी थी और अब एक कंपनी में नौकरी कर रही है। उसकी एक छोटी बहन एमबीबीएस करने के बाद एक अस्पताल में नौकरी कर रही है।
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दो लड़कियों को पहले कानपुर रखा फिर घर ले आए
- फोटो : अमर उजाला
तीसरी बेटी विधि की पढ़ाई कर रही और छोटे भाई को 12वीं की परीक्षा देनी है। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता ने शुरू से ही हमें घर से दूर रखा है। हम हॉस्टल में पढ़कर बड़े हुए हैं।
हमारी मां, पिता की हर बात मानती थी, वह उनकी पिटाई और गलत काम का भी विरोध नहीं करती थी लेकिन जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो उन्हें विरोध करना पड़ा।
बेटियों का आरोप है कि बाबा वर्ष 2011 में एक लड़की को अपने साथ लाए थे, उन्होंने कहा था कि इसके पिता नहीं है। इसलिए वह इसे गोद ले रहे हैं। बाबा ने लड़की के लिए कानपुर में प्लाट लेकर मकान बना दिया।
करतूत कैद न हो इसलिए खराब किया सीसीटीवी
arun tewari
डेढ़ वर्ष पूर्व बाबा लड़की को ग्रेटर नोएडा अपने घर ले आए। इसके कुछ दिन बाद उसकी छोटी बहन को भी घर ले आए और दोनों को अपने घर के सेकेंड फ्लोर पर रखकर खुद भी उनके साथ रहने लगे।
बेटियों का कहना है कि अगर पापा के दोनों लड़कियों से अनैतिक संबंध नहीं हैं, तो वह उनके कानुपर जाने के दौरान उनसे फोन पर लंबी बातें क्यों करते हैं। कुछ दिन पहले देर रात को दो लड़के घर आए थे।
इससे उन्हें अंदेशा है कि पापा कोई गलत काम कर रहे हैं। ये सब हरकत सीसीटीवी में कैद न हो, इसलिए सीसीटीवी भी खराब करा दिया गया है।
अरुण बाबा को मैं नहीं पहचानता, वह पार्टी के स्थानीय किसी कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुए। हालांकि जानकारी मिली है कि वह पहले प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य थे।
इस समय पार्टी में उनके पास कोई पद है या नहीं इस मामले की भी मुझे कोई जानकारी नहीं है।- विजय भाटी, जिलाध्यक्ष गौतमबुद्ध नगर, भाजपा
अरुण तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उनकी गोद ली गई बेटियां भी ग्रेटर नोएडा छोड़ कानपुर चली गईं हैं।