डीपीएस ग्रेटर नोएडा में बृहस्पतिवार को मासूम से दुष्कर्म का मामला जिले में कोई पहला नहीं है। इससे पूर्व भी स्कूलों में विद्यार्थियों के यौन शोषण के मामले सामने आए हैं। आरोपी पर तो मामले में कार्रवाई हो गई, लेकिन काफी हंगामे और आंदोलनों के बाद भी स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई नहीं हुई।
बच्ची से यौन शोषण मामले में डीपीएस ग्रेटर नोएडा प्रबंधन ने कर्मी की गलती मानने से इनकार किया है और आरोपी का बचाव किया है। अक्सर स्कूल अपनी साख बचाने के लिए आरोपियों का बचाव करते आए हैं। एक वर्ष पूर्व भी शहर के एक स्कूल में अफ्रीकी मूल के विद्यार्थी का स्कूल के अंदर ही यौन शोषण कई वर्षों तक होता रहा।
मामले में अभिभावकों को पता चलने पर एक कर्मी के खिलाफ स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने आरोपी का बचाव किया था। बाद में पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर उसे पुलिस ने जेल भेजा। मामले में देश में रह रहे अफ्रीकी यूनियन के लोगों ने हंगामा और प्रदर्शन भी किया था।
dps school
हालांकि, बाद में स्कूल प्रबंधन पर प्रशासन की ओर से कई जांच की गईं जिसमें बसों की फिटनेस, अग्निशमक यंत्र आदि मानकों पर नोटिस आदि तो दिया पर स्कूल प्रबंधन साफ बच निकला। जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर बीएन सिंह ने कहा कि डीपीएस ग्रेटर नोएडा की घटना के बारे में मीडिया से जानकारी मिली है। मामले की रिपोर्ट देखने के बाद आगे कुछ कहा जा सकेगा।
अभिभावक संघ ने जताया विरोध
सदस्य अभिभावक संघ हरेंद्र भाटी ने कहा कि मामले में आरोपी पर कार्रवाई तो हुई, लेकिन स्कूल प्रबंधन की भी लापरवाही है। अक्सर ऐसे मामलों में प्रबंधन विभाग बच जाता है। ऐसे में स्कूल प्रबंधन या मालिकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।