दहेज की मांग पूरा नहीं होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। आरोप है की इस दौरान महिला के पति ने चाकू से हमला कर पीड़िता को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पुलिस ने महिला के ब्यान पर पति सहित पांच नामजद के विरूद्व दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़िता नसीमा पुत्री अब्दुल रज्जाक निवासी गांव कोट थाना बहीन जिला पलवल ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया की 3 मार्च 2015 को मुस्लिम रिति रिवाज के अनुसार उसकी शादी नासिर निवासी गांव सूंध थाना तावडू के साथ हुई थी।
मायके वालों ने अपनी हैसियत अनुसार उसकी शादी में ससुराल पक्ष को दान दहेज दिया। शादी के बाद से ही दहेज की खातिर लोभी ससुराल वालों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया।
विवाहिता का आरोप है की ससुर अकबर ने 30 हजार रूपये लाने के लिए उसे मजबूर किया। मायके वालों ने उसकी खुशी की खातिर कर्ज लेकर उसे 30 हजार रूपये दिए। पीड़िता का कहना है की इसके दो महीनें बाद उसके ससुर व सास ने एक लाख रूपये की फिर मांग की।
जब उसने मायके वालों की गरीबी का हवाला देकर इसमें अपनी असमर्था जाहिर की तो उसके साथ मारपीट कर उसे रूपये लाने के लिए तंग किया गया। पीड़िता का कहना है की उसके मायके वालों ने पंचायत व बिरादरी तौर पर ससुराल पक्ष के लोगों को काफी समझाया।
लेकिन दहेज के लालची ससुराल वालों ने रूपये की मांग पूरा नहीं होने उसे घर में रखने से इंकार का दिया। पीडिता का आरोप है की 7 जुलाई ईद वाले दिन उसकी सास ने उसे खाना नहीं दिया।
जब भूख लगने पर उसने खाना मांगा तो ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट कर उसे धक्का मारकर घर से निकाल दिया। जब कुछ देर बाद वह घर वापिस गई तो उसके पति ने घर में रखा छुरा से उसके पेट पर मारा।
जिसकी वजह से वह बहोश होकर गिर गई। गंभीर अवस्था में उसे नल्हड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़ित विवाहिता के ब्यान पर सास अकबर, सास मैमूना, पति नासिर, मौसी सास आईसा व ननद मनसुम पांच नामजद के विरूद्व दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।