गिरोह का मास्टर माइंड बीटेक और साथी बारहवीं पास है। इनके पास से फारच्यूनर, इनोवा, पजेरो, क्रूज समेत चोरी की 8 कारें बरामद की हैं। आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह (24) ऊर्फ स्मार्टी निवासी तिलक नगर और रामजीत सिंह (22) ऊर्फ राम निवासी अबचल नगर, निकट चंदर विहार के तौर पर हुई है। हरप्रीत ने बीटेक की पढ़ाई की है। वही, इसका मास्टरमाइंड था।
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रविवार को सेक्टर-11 स्थित क्राइम ब्रांच में एसएसपी डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि हरप्रीत और रामजीत सिंह पिछले काफी समय से शहर में लग्जरी कारों की चोरी में सक्रिय थे। दोनों कार की डिमांड होने पर दिल्ली से चंडीगढ़ आते थे और यहां से कार चोरी कर दिल्ली ले जाते थे। एसएसपी गिल के अनुसार जांच में सामने आया कि आरोपी केवल उन लग्जरी कारों को चोरी करते थे जो पूरी तरह से ऑटोमैटिक और हाई टेक टेक्नोलॉजी से लैस होती थी।
दोनों आरोपी पिछले तीन साल से यह काम कर रहे थे। हरप्रीत के खिलाफ ट्राइसिटी के अलावा हरियाणा और पंजाब के अलग-अलग शहरों में कुल 20 केस दर्ज हैं। वहीं रामजीत सिंह पर ट्राइसिटी, पंजाब और हरियाणा में 16 केस दर्ज हैं। एसएसपी के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों द्वारा कारों को चोरी करने के बाद यूपी में जिन लोगों को बेचा जाता था, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं।
ऐसे पकड़े गए
क्राइम ब्रांच की टीम ने बीते दिनों सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट से चोरी की आई-ट्वंटी कार में गिरफ्तार किया था। पुलिस को आरोपीे कार के कागज नहीं दिखा सके। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने कबूला कि कार चोरी की हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में उन्होंने चोरी की कई वारदात कबूली और उनकी निशानदेही पर चोरी हुई 8 कारें बरामद हुईं। इनमें से 4 कार चंडीगढ़ से ही चोरी की हैं।
ये कार हुई बरामद:
फारच्यूनर - 1, इनोवा - 4, पजेरो - 1, क्रूज - 1, आई-20 - 1
ऐसे करते थे चोरी
हरप्रीत और रामजीत सबसे पहले कार का शीशा ब्रेककर या खोलकर बोनट खोलते थे। वहां से बैटरी से सायरन को डिस्कनेक्ट करते थे। इसके बाद कारों के स्टार्टिंग सिस्टम को स्कैनर, इमोलाइजर और ईसीएम (इंजन कंट्रोल मॉडयूल) की मदद से बाईपास कर डायरेक्ट स्टार्ट करते थे। इसके बाद कार चोरी कर सीधा दिल्ली ले जाते थे। पुलिस को आरोपियों से कई उपकरण भी बरामद हुए हैं। ये सभी उपकरण अलग-अलग गाड़ियों के लिए अलग होते थे।
दिल्ली के कार चोर गिरोह से ली ट्रेनिंग
एसएसपी गिल के अनुसार पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वह चंडीगढ़ में लंबे अरसे से कार चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। इसके लिए उन्हें दिल्ली के ही एक कार चोर गिरोह से ट्रेनिंग ली थी। दोनों की मुलाकात दिल्ली में ही हुई थी। इसके बाद से दोनों साथ मिलकर काम करने लगे। दोनों को एक कार का 70 हजार से 1 लाख रुपया तक मिलता था।
यहां दर्ज हैं केस
आरोपी हरप्रीत पर पंचकूला में 08, पटियाला में 05, अंबाला में 04, राजपुरा में 01, फतेहगढ़ साहिब में 01, मोहाली में 01 जबकि रामजीत पर पंचकूला में 09, पटियाला में 02, अंबाला में 02, चंडीगढ़ में 02, मोहाली में 01 केस दर्ज है।