अगर आप छोटे बच्चों के साथ गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जा रहे हैं तो उन्हें अकेला न छोड़ें। पुराना गाजियाबाद स्टेशन पर बच्चों को चुराने और अपहरण करने वाला गैंग सक्रिय है। करीब पांच महीने में स्टेशन से 4 बच्चे लापता हो चुके हैं।
परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे का अपहरण किया गया है। हालांकि जीआरपी इसे गुमशुदगी मान रही है। स्टेशन पर कैमरे लगे होने के बावजूद जीआरपी इनमें से एक भी बच्चे को बरामद नहीं कर पाई है।
पांच साल का कुशांत गायब
दादी लीला ने बताया कि बुधवार दोपहर 2 बजे पोते कुशांत और पोती संजूनी के साथ वह प्लेटफार्म नंबर-3 पर आई थीं।
बच्चा को वेटिंग रूम के टॉयलेट के लिए भेजा था।
जब काफी देर तक कुशांत नहीं आया तो अंदर जाकर देखा। काफी ढूंढने के बाद भी बच्चा नहीं मिला। जीआरपी को भी सूचना दी पर कोई फायदा नहीं हुआ।
तीन साल के शौर्य का नहीं लगा सुराग
एक महीना पहले रेलवे इलेक्ट्रीशियन का तीन साल का बेटा शौर्य भी स्टेशन से लापता हो गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर माना जा रहा है कि एक साधु उसे अपने साथ ले गया है।
11 साल की सीमा का पता नहीं
विजयनगर की अंबेडकर नगर की सीमा (11) जून में स्टेशन से गायब हो गई थी। उसे मेरठ जाने वाली ट्रेन में किसी परिवार संग देखा था। छह माह की चुलबुली का भी स्टेशन से अपहरण कर लिया था।
111 बच्चे अब भी लापता
आपरेशन स्माइल के तहत पुलिस ने 200 से ज्यादा बच्चे बरामद किए, मगर गाजियाबाद से अभी भी 111 बच्चे ऐसे हैं, जो लापता हैं। आपरेशन स्माइल खत्म हुए 13 दिन हो चुके हैं।
इस दौरान 14 बच्चे लापता हो चुके हैं। ये वो बच्चे हैं जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं, ऐसे भी काफी बच्चे हैं, जिनका रिकार्ड पुलिस के पास नहीं है।