डीएलएफ इलाके में लगातार बढ़ती चोरी की वारदात से लोग डरे हुए हैं। पिछले तीन माह में हुईं कई वारदात में पुलिस के हाथ पूरी तरह से खाली हैं। रविवार दोपहर चोरों ने डीएलएफ के ई ब्लॉक स्थित कारोबारी के घर से लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया।
बदमाश पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। स्थानीय लोग डीएलएफ कॉलोनाइजर की सुरक्षा व्यवस्था से नाराज है। सोमवार को डीएलएफ कुतुब एंक्लेव आरडब्ल्यूए के प्रधान ने एसीपी डीएलएफ के साथ बैठक में बिल्डर के प्रति नाराजगी जाहिर की। पुलिस ने मामला दर्ज कर फिंगर-प्रिंट एक्सपर्ट की सहायता से छानबीन शुरू कर दी है।
आरडब्ल्यूए के प्रधान आरएस राठी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही का आलम यह है कि रविवार दोपहर बिना नंबर के ऑटो से चोर ई ब्लॉक में घुसते हैं और मकान संख्या 9/19 से लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर देते हैं।
घर के मालिक रविंद्र कुमार भान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चोर उसके मकान से 30 तोला सोना, 3 डायमंड रिंग, 50 हजार रुपये लेकर चंपत हो गए। कारोबारी ने बताया कि पहले सुरक्षा के लिए डीएलएफ के चारों फेज में 300 से अधिक सुरक्षा गार्ड होते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 100 से भी कम हो गई है।
सुरक्षा की जिम्मेदारी और जवाबदेही डीएलएफ की है। वहीं आरडब्ल्यूए के कार्यकारी समिति के सदस्य ध्रुव बंसल ने कहा कि स्थानीय पुलिस और कॉलोनाइजर की सिक्योरिटी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इलाके के लोग बिल्डर को रखरखाव शुल्क दे रहे हैं, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है।
45 मिनट तक रुके चोर
चोरों ने 45 मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार रविवार दोपहर लगभग 12:15 बजे चोर कारोबारी के घर में घुसे थे और दोपहर 1:00 बजे काम खत्म कर निकल गए।
इससे स्पष्ट है कि उन्हें घर के बारे में पूरी जानकारी पहले से ही थी। आश्चर्य की बात यह है चोरी के अधिकतर मामलों में वारदात को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया। जब लोग किसी काम से घर से बाहर जाते हैं तो उनकी अनुपस्थिति में बदमाश घर में घुसकर सामान पर हाथ साफ कर देते हैं।