सेक्टर-71 के मेट्रो अपार्टमेंट में मंदिर बनने को लेकर दो पक्षों में विवाद छिड़ गया है। एक पक्ष का कहना है मंदिर बनने की वजह से पार्किंग की जगह नहीं बची है। प्राधिकरण की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, आरडब्ल्यूए का कहना है कि कुछ महिलाओं ने पूजा करने के लिए अपार्टमेंट में ही मंदिर बनाया है। उन महिलाओं को समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वो मानने को तैयार नहीं हैं। आरडब्ल्यूए की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
अपार्टमेंट में रहने वाले रवींद्र सिंह राणा ने बताया कि 13 अप्रैल को प्राधिकरण की टीम ने निर्माण कार्य रोक दिया था, लेकिन आरडब्ल्यूए और महिलाएं फिर भी नहीं माने और दोबारा मंदिर बना लिया। इस संबंध में 18 अप्रैल को प्राधिकरण को शिकायत भी की गई थी। दोबारा प्राधिकरण की टीम आई और जांच के बाद आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष और महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके बाद कई बार प्राधिकरण की टीम मंदिर को हटाने के लिए आई, लेकिन महिलाएं उनको घेर लेती हैं। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं होती।
सेक्टर- 71 मेट्रो अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुभाष चौहान ने कहा कि विवाद को देखकर महिलाओं को समझाने की कोशिश की गई थी। लेकिन वो समझने को तैयार नहीं हैं। दोनों पार्टियों के बीच आरडब्ल्यूए पिस कर रह गई है। इसी कारण प्राधिकरण की तरफ से एफआईआर तक कर दी गई है। फेस- 3 के एसएचओ पंकज पंत का कहना है कि इस मामले में जांच चल रही है। अभी यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया है। जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दायर कर ली जाएगी।