दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोटों की सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करके दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चार लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनकी छपाई पाकिस्तान में हुई है और बांग्लादेश होकर पश्चिमी बंगाल में नकली नोट आते थे। यहां से दिल्ली, गुजरात समेत अन्य राज्यों में इन्हें सप्लाई किया जाता था।
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स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार, अगस्त के पहले सप्ताह में पुलिस को सूचना मिली थी कि मालदा, पश्चिमी बंगाल का गिरोह नकली नोटों की सप्लाई करता है।
16 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि मालदा निवासी बहारूद्दीन उर्फ बहारू (27) ने बांग्लादेश से नकली नोटों की खेप ली है। इसे लेकर वह कालका मेल ट्रेन में कोलकाता से पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगा।
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पुलिस टीम ने पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी करके मो. बहारूद्दीन उर्फ बहारू (27) और वडोदरा निवासी बदरूद्दीन मयूद्दीन सैयद उर्फ बदरू (55) को पकड़ लिया। इनके कब्जे से चार लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। इसके पास 1000 के 300 और 500 के 200 नोट थे। बदरू नकली नोटों की खेप लेने आया था।
बहारू ने पूछताछ में बताया कि वह अन्य लोगों को भी नकली नोटों की खेप दे चुका है। वह दिल्ली व मुुंबई में काम कर चुका है। उसकी मुलाकात नकली नोटों की सप्लाई करने वाले मो. कयूम से हुई थी।
कयूम इस समय तिहाड़ में बंद है। उसके कहने पर बहारू नकली नोटों की सप्लाई करने लगा और फिर मालदा के बबूल शेख के संपर्क में आया। बबूल नकली नोटों की खेप सप्लाई करने पर बहारूद्दीन को 15 हजार रुपये देता था। बदरूद्दीन शुरू में चोरी के वाहन खरीदता था। फिर फर्जी कागजात बनाकर बेचता था।