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झाड़ियों में खींचकर रेप, वो नग्न हालत में रो रही थी

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दिल्ली हाईकोर्ट ने गैंगरेप के तीन दोषियों को राहत प्रदान करने से इंकार कर दिया।
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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने अपील खारिज करते हुए दोषियों के इस तर्क को खारिज कर दिया कि उनको फर्जी मामले में फंसाया गया है और खुद पीड़िता ने माना है कि वे दोषी नहीं हैं।

निचली अदालत ने 31 जनवरी 2000 को विनय कुमार त्यागी, कृष्ण कुमार और राजरूप सिंह को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। तीनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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पुलिस ने खुद देखा था कि...

पेश मामले के अनुसार 25 जनवरी 1993 को दौलत राम कॉलेज के पास रहने वाली महिला को तीनों दोषियों ने अगवा कर लिया और पास की झाड़ियों में ले जाकर गैंगरेप किया।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि महिला नग्न हालत में रो रही थी।

पुलिस ने दो आरोपियों को घटना स्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि तीसरे को बाद में गिरफ्तार किया गया।
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