वसुंधरा रेड लाइट के पास साहिबाबाद कट पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से वसुंधरा सेक्टर-2 निवासी पिता-पुत्र की मौत हो गई। घटना को अंजाम देकर भाग रहे कार चालक को पुलिस ने यूपी गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पिता-पुत्र की मौत के बाद उनका पूरा परिवार सदमे में है। परिजन दोनों के शव को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव कन्नौज ले गए हैं।
वसुंधरा सेक्टर-2बी के मकान संख्या-549 निवासी अमर सिंह गुड़गांव की आईटी कंपनी से रिटायर्ड थे। उनका बेटा अनुज भी गुड़गांव में ही आईटी कंपनी में काम करता था।
रविवार रात अमर सिंह अपने बेटे अनुज के साथ बाइक पर गाजियाबाद स्टेशन के लिए घर से निकले थे। वे कालिंदी एक्सप्रेस से कन्नौज जाने वाले थे।
उनकी पत्नी मालती देवी और अनुज की ममेरी बहन रिचा पैदल साहिबाबाद कट से ऑटो लेने जा रहे थे। अनुज बाइक से साहिबाबाद कट से सड़क पार कर रहा था। तभी मोहननगर की ओर से आ ही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
इस दौरान हेलमेट नहीं पहने होने के चलते सिर में गंभीर चोटें आईं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी मालती ने शोर मचाकर वहां से गुजर रहे लोगों को रोका, जिसके बाद उन्हें मोहननगर स्थित नरेंद्र मोहन अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टराें ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने चालक भैरव घोष को यूपी गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया है। वह विनोद नगर का रहने वाला है। घटना के बाद सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद पूरा परिवार मृत शरीर लेकर कन्नौज चला गया है।
एसओ इंदिरापुरम ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि अमर सिंह के तीन बेटे और एक बेटी हैं। एक माह पहले ही वे वसुंधरा में किराए पर रहने आए थे।
हेलमेट होता तो बच सकती थी जान
एसओ इंदिरापुरम ने बताया कि घटना के दौरान बाइक सवार पिता-पुत्र ने हेलमेट नहीं लगाया था। जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आई।
अगर हेलमेट होता तो उनकी जान बच सकती थी। एसओ ने अपील भी की है कि बाइक चलाने के दौरान हेलमेट का प्रयोग जरूर करें।