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RTI कार्यकर्ता ने रची खतरनाक साजिश

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तीन महीने पहले एक कार एक्सीडेंट में मर चुका आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन शर्मा बेंगलुरु में जिंदा पकड़ा गया है।
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मालूम हो कि नोएडा पुलिस ने चंद्रमोहन शर्मा के जिंदा होने की खबर मिलने के बाद अपनी टीम नेपाल और बेंगलुरु के लिए रवाना कर दी थीं जिसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता की गिरफ्तारी बेंगलुरू में की गई।

पुलिस के अनुसार चंद्रमोहन शर्मा को नेपाल और बेंगलुरु में नोएडा की एक गुमशुदा महिला के साथ देखा गया था। इस बारे में चंद्रमोहन शर्मा की बीवी ने बताया था कि पति के जिंदा होने की खबर ने उसे बुरी तरह झकझोर दिया है।
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शर्मा की पत्नी सविता ये भी स्वीकारती हैं कि हो सकता है शर्मा ने अपनी मौत की झूठी साजिश रची हो पर इसका कारण पूरी तरह से उन्हें समझ नहीं आता।

पत‌ि के ल‌िए स‌व‌िता ने मांगी फांसी!

इसके साथ ही आरटीआई कार्यकर्ता की तीन महीने पहले तक घर के पड़ोस में रहने वाली किसी औरत से काफी बातें होती थीं, वो भी उनके निजी नंबर पर जो बहुत कम लोग ही जानते हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार शर्मा की पत्नी ने बताया कि पुलिस काफी दिनों से शर्मा का मोबाइल ट्रेस कर रही थी और और उसकी कॉल डिटले से पता चला कि शर्मा किसी पड़ोस में रहने वाली ‌महिला के साथ संपर्क में रहता था और शर्मा के देहांत की घटना के एक महीने बाद महिला भी गायब हो गई।

सविता का मानना है कि मुझे विश्वास है कि वो जिंदा है और अगर वो पकड़ा जाता है तो उसे फांसी दी जाए और जिन्होंने उसकी मदद की उन्हें भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

हालांक‌ि अब यह मामला और गंभीर हो गया है क्योंक‌ि अगर तीन महीने पहले हुए कार एक्सीडेंट में मरने वाला शख्स चंद्रमोहन शर्मा नहीं था तो कौन था।

पुलिस ने दुर्घटना के बाद ही डीएनए जांच के लिए सैंपल दिया था पर उसकी रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। चंद्रमोहन की गिरफ्तारी के बाद कई राज खुलने की संभावना है।

गौरतलब है कि एक मई को शर्मा की चलती कार में आग लग गई थी जिसके बाद दमकलर्कियों ने मौके पर पहुंचकर इसकी कार की आग बुझाई। कार में एक लाश व कुछ सामान बरामद किया था जिसके बाद लाश की पहचान आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र मोहन शर्मा के रूप में हुई थी।

पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

ग्रेटर नोएडा का रहने वाला आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रमोहन जिंदा मिला है और इसके साथ ही यह जिले की ऐसी तीसरी घटना बन गई है। इससे मिलती जुलती दो घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। चचूला गांव में महिला की हत्या के आरोप में पति और चाची ने आठ माह जेल काटी थी।

बाद में महिला अपने जीजा के घर से मिली थी। वहीं, एक अन्य मामले में बच्चे के गायब होने पर पांच लोगों को जेल भेजा गया था। वह एक साल बाद तालाब में नहाता मिला था।

25 दिसंबर 2005 को चचूला की महिला के अचानक गायब होने पर उसके मायके वालों ने पति और चाची पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कासना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस पर ससुराल पक्ष के लोग महिला की तलाश में जुट गए। 28 अगस्त 2006 को महिला अपने जीजा के घर मिली थी।
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नहाते हुए एक साल बाद पाया गया गायब बच्चा

महिला के जिंदा मिलने पर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जिसके बाद उसके पति और चाची को रिहा किया गया। एक अन्य मामले में दादरी कोतवाली क्षेत्र के दुराई गांव का आठ साल का रूसी मई 2000 में गायब हो गया था।

इस पर परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर करते हुए गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर फरीदाबाद की नहर से रूसी के जूते और कपड़े बरामद दिखाए थे।

पुलिस ने रूसी हत्याकांड में चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी। एक साल बाद रूसी को गांव के ही तालाब में किसी ने नहाते हुए देख लिया था। फिर न्यायालय ने आरोपियों को बरी किया था।
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