बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के धूममानिकपुर स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा छह के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत पर मंगलवार सुबह साथी छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विद्यालय में जमकर हंगामा किया और शिक्षिका कम नर्स पर कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए।
छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका कम नर्स ने बीमार छात्र को कड़ाके की सर्दी में ठंडे पानी सेे नहला दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में मौत हो गई। स्कूल में हंगामे की सूचना पर एसडीएम अमित कुमार, सीओ राकेश कुमार, विभिन्न गांवों के प्रधान और स्थानीय छात्रों के अभिभावक स्कूल पहुंच गए।
उन्होंने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेेकिन वे आरोपी पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। वहीं, गर्ल्स हॉस्टल में भी छात्राओं ने हंगामा किया और उनके भी भूख हड़ताल पर होने की जानकारी मिली। मूल रूप से गांव परसा, जिला छपरा (बिहार) निवासी उपेंद्र सिंह का बेटा आदित्य कुमार यहां बादलपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित नवोदय विद्यालय में कक्षा छह में पढ़ता था।
बताया गया है कि 2 दिसंबर को आदित्य की तबीयत खराब हो गई। शिक्षिका-कम-नर्स ने उसे विद्यालय की डिस्पेंसरी से दवाई दे दी। 4 दिसंबर को तबीयत अधिक खराब होने पर उसे दादरी के रेलवे रोड स्थित निजी अस्पताल में डॉ. केके शर्मा को दिखाया गया।
इसके बाद भी आदित्य के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। सोमवार सुबह 7 बजे हालत अधिक बिगड़ने पर छात्र को नोएडा के जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां जांच करने के बाद उसे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां शाम को उपचार के दौरान आदित्य ने दम तोड़ दिया।
देर रात जब छात्र की मौत की खबर विद्यालय पहुंची तो छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। मंगलवार सुबह छात्र हॉस्टल से निकलकर विद्यालय के खेल मैदान में एकत्र हो गए और शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर दी।
छात्रों का कहना है कि 3 तीन दिसंबर को बीमार होने के बावजूद शिक्षिका कम नर्स ने आदित्य को ठंडे पानी से नहला दिया, इससे उसकी हालत और बिगड़ गई। छात्रों ने शिक्षिका कम नर्स पर अक्सर दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया।
स्कूल प्रशासन ने बीमार होने की नहीं दी सूचना
छात्र के चाचा सरोज कुमार ने बताया कि आदित्य अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके दो तीन दिन बीमार होने के बावजूद विद्यालय प्रशासन ने इसकी सूचना परिजनों को नहीं दी। दादरी में रहने वाले सरोज कुमार ने विद्यालय प्रशासन की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया। उन्होंने आदित्य को पहले से कोई बीमारी होने से साफ इनकार किया है।