अच्छे मुनाफे का झांसा देकर एक सोसाइटी ने निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। कॉरपोरेशन क्रेडिट सोसाइटी ने निवेशकों को कई स्कीमों में पैसे लगाने पर अच्छे ब्याज के साथ मूलधन की वापसी का प्रलोभन दिया।
करीब दो साल तक निवेशकों से रुपये जमा करवाने के बाद कंपनी का मालिक फरार हो गया। ठगी के शिकार सैकड़ों निवेशकों ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सूत्रों ने बताया कि कमला नेहरू कैंप कीर्ति नगर में घर पर ही किराने की दुकान करने वाले दयाराम (60) ने ईओडब्ल्यू को दी शिकायत में कहा है कि पड़ोस में रहने वाले राम आश्रय ने उन्हें बीएलएस कॉरपोरेशन क्रेडिट सोसाइटी में निवेश करने के लिए कहा था।
मासिक आय योजना, आवर्ती जमा, सावधि जमा, गुल्लक प्लान में निवेश करने पर अच्छे ब्याज के साथ मूलधन लौटने का झांसा दिया गया था। वे कंपनी के इंद्रलोक स्थित कार्यालय में मालिक धर्मेंद्र कुमार से मिले। उन्होंने अपनी पत्नी किताबी देवी के नाम से प्रतिदिन 150 और 200 रुपये के दो अकाउंट खुलवाए।
वे मासिक आय योजना में भी एक हजार रुपये जमा कराने लगे। स्कीम की अवधि पूरी होने के बाद दयाराम ने रुपये वापस मांगे तो धर्मेंद्र कुमार ने दो चेक दे दिए। उसने कहा कि अभी खाते में रुपये नहीं हैं, इसलिए चेक बैंक में मत डालना। चेक की अवधि खत्म होने से पहले ही वह रुपये दे देगा। दयाराम कंपनी के मालिक से लगातार संपर्क करते रहे, लेकिन वह कोई न कोई बहाना बनाकर उन्हें टाल देता था।
जनवरी 2019 में धर्मेंद्र कंपनी के कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद दयाराम ने आर्थिक अपराध शाखा में इसकी शिकायत की। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि सोसाइटी मालिक छह से सात सौ निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया है। शाखा ने 14 अगस्त को कंपनी और उसके मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।