दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियार आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली और आगरा में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध पिस्टल बरामद किए हैं। पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और चचेरे भाई हैं। खास बात यह है कि बिहार के मुंगेर के बाद मध्यप्रदेश के खारगोन से अवैध हथियार आ रहे हैं।
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स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने एक अभियान के तहत पिछले वर्ष अवैध हथियार बेचने के मामले में 33 को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 196 स्वचालित पिस्टल बरामद किए। पिछले दिनों ये देखने में आ रहा था कि मुंगेर के बाद खारगोन से अवैध हथियार दिल्ली और एनसीआर आ रहे हैं। इंस्पेक्टर मनोज दीक्षित और शिव कुमार की टीम इस मामले की तफ्तीश कर रही थी।
टीम को सूचना थी कि अवैध हथियारों की खेप सराय कालेखां बस अड्डे के पास आने वाली है। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर एक आरोपी दिनेश दाबूर उर्फ हाबू को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से पुलिस ने दस अवैध पिस्टल बरामद किया है।
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पूछताछ में हाबू ने बताया कि आगरा में मौजूद सुनील अवैध हथियारों की खेप सप्लाई करने वाला है। दिल्ली पुलिस की टीम ने आगरा पहुंचकर भगवान टाकीज के पास घेराबंदी की और सुनील नामक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से छह अवैध पिस्टल बरामद किए गए हैं।
उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि जिस व्यक्ति को ये हथियार सप्लाई किए जाने थे, दिल्ली पुलिस ने उसकी पहचान कर ली है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ये अवैध हथियार बदमाशों को सप्लाई किए जाते हैं।
हर 15 दिन में एक खेप पहुंचाते थे
उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह देश के हर कोने में अवैध हथियारों की सप्लाई करते हैं। आरोपी हर 15 दिन में मुजफ्फरनगर, आगरा, अलीगढ़, हाथरस और दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की खेप पहुंचाते थे।
बस और ट्रेन से लाते थे खेप
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार आरोपी ऑर्डर के बाद अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। ये ट्रेन और बस में सफर कर अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। बताई गई जगह पर पहुंचकर आर्म्स डीलर को फोन करते थे। इसके बाद डीलर खेप को उठवा लेते थे। इस काम में कोड भाषा का प्रयोग करते थे।