दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में स्थित कस्तूरबा निकेतन चाइल्ड होम का सुपरिंटेंडेंट आरसी मीणा होम में रह रही लड़कियों के लिए दरिंदा बना हुआ था।
मौका लगने पर वह बच्चियों के साथ शारीरिक छेड़छाड़ व अश्लील हरकतें करता था। होम में रह रही करीब छह लड़कियों ने आरसी मीणा के खिलाफ शिकायत दी है।
लाजपत नगर थाना पुलिस ने आरोपी मीणा के खिलाफ दुष्कर्म व पोक्सो का मामला दर्जकर मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायत करने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ सकती है। पीड़ित लडकियों की उम्र सात वर्ष से 12 वर्ष के बीच है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार कस्तूरबा निकेतन चाइल्ड होम में करीब 12 लड़कियां व काफी लड़के रहते हैं। ये वो बच्चे हैं जिनके माता-पिता नहीं है।
गौरतलब है कि दो जून को महिला एवं बाल विकास मंत्री संदीप कुमार ने अपने दल के साथ चाइल्ड होम का दौरा किया था। इस दौरान दल के लोगों ने लड़कियों से अलग-अलग बात की थी।
पुलिस ने सुपरिंटेंडेंट को रिमांड पर लिया
पुलिस
- फोटो : file photo
इस दौरान बच्चियों ने अपने साथ हो रही घटनाओं के बारे में बताया था। इसके बाद इसकी शिकायत तीन जून को पुलिस को की गई थी।
पुलिस ने जांच शुरू की तो छह बच्चियों के साथ दुष्कर्म व छेड़छाड़ की बात सामने आई। इस मामले में सुपरिंटेंडेंट सहित दो अधिकारियों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया था।
लाजपत नगर थाना पुलिस ने इन बच्चियों का 164 के तहत कोर्ट में बयान कराया। लड़कियों ने शिकायत में कहा है कि उनके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ उस समय की गई जब होम के लोग ट्रेनिंग लेने बाहर गए हुए थे।
इस मामले में सुपरिंटेंडेंट मीणा खुद को बेगुनाह बता रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले में पहले टर्मीनेट की गई दूसरी सुपरिंटेंडेंट राखी अरोड़ा ने सारी गलती आरसी मीणा की बताई है।
राखी अरोड़ा का कहना है कि दो जून को पूरा स्टाफ ट्रेनिंग पर चला गया था। उस समय वह अपने ऑफिस में थी। बच्चियों को उनके कमरे में रहने के लिए कहा था, मगर मीणा ने ऐसा नहीं किया। वह लड़कियों को एक कोने में ले गए थे। लड़कियों के साथ गलत होने की सूचना चाइल्ड होम की आंटी ने दी थी।