यौन शोषण के आरोपों में फंसे पर्यावरणविद् आरके पचौरी के खिलाफ चार्जशीट पर शनिवार को संज्ञान ले लिया। अदालत ने पचौरी को बतौर आरोपी समन जारी कर पेश होने का निर्देश दिया है। पुलिस ने पचौरी के खिलाफ एक मार्च को चार्जशीट दाखिल की थी।
साकेत जिला अदालत की महानगर दंडाधिकारी शिवानी चौहान ने कहा कि आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, इशारेबाजी व बंधक बनाने संबंधी धाराओं में कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। अदालत ने पचौरी को 11 जुलाई को पेश होने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि पीड़िता ने पचौरी पर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। आरोपी ने पीड़िता की असहमति के बाद भी कई बार गलत तरीके से छुआ। उसने पीड़िता के मोबाइल पर गलत संदेश भी भेजे।
दिल्ली पुलिस ने करीब 1400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी और आरोपों को साबित करने के लिए 23 गवाहों के नाम भी चार्जशीट में शामिल किए हैं। इन गवाहों में टेरी के कई पूर्व व वर्तमान कर्मी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक पीड़िता ने करीब 50 पन्नों की शिकायत पुलिस को दी थी। इस शिकायत पर पुलिस ने करीब 50 पन्नों की एफआईआर लिखी थी।
हाईकोर्ट में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट में पुलिस ने आरोपी व पीड़िता के बीच कोर्ट के बाहर समझौता होने की बात कही थी। यह रिपोर्ट पुलिस ने पीड़िता की उस अर्जी के जवाब में दाखिल की थी जिसमें उसने पचौरी की अग्रिम जमानत खारिज करने की मांग की थी। निचली अदालत ने पचौरी को 21 मार्च 2015 को अग्रिम जमानत प्रदान की थी।