मथुरा जिला कारागार में बंदियों के बीच हुई गैंगवार और एक बंदी की हत्या के बाद जेल प्रशासन ने कडे़ कदम उठाने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के चलते अब मेरठ मंडल की जेलों में बंद कुख्यात बदमाशों से मिलाई करने की प्रक्रिया को और ज्यादा कठिन कर दिया गया है। इसके अलावा अब बंदीरक्षक रात में भी सीसीटीवी की नजर में रहेंगे।
जेल के अंदर के गेट पर लगे सीसीटीवी के पास विद्युत व्यवस्था रहेगी, ताकि सारी गतिविधियां कैद हो सकें। पुलिसवाले भी चेकिंग केबाद ही जेल में प्रवेश कर सकेंगे। जेल अधीक्षक एसपी यादव ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
हाल ही में प्रोन्नत होकर आईजी बने डीआईजी कारागार रघुबीर लाल ने बताया कि निर्देश दिए गए हैं कि जेल में ड्यूटी पर आने वाले बंदीरक्षकों को भी गहन तलाशी के बाद ही जेल में प्रवेश दिया जाए।
डासना जेल अधीक्षक ने बताया कि अब पुलिसवालों को चेकिंग के बाद ही जेल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा वे रात में भी सीसीटीवी की जद में होंगे।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जेल में असलहे और अवैध सामान पहुंचने के पीछे पुलिसवालों की भी भूमिका मानी जा रही है। इसी वजह से ये सख्ती की गई है।