चार दिन पहले सीबीआई द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद घर से गायब हुए गृह मंत्रालय के अधिकारी आनंद जोशी को जांच एजेंसी ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार की सुबह से ही जोशी अपने इंदिरापुरम स्थित घर से गायब थे।
सीबीआई ने इन्हें पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए सीबीआई मुख्यालय लेकर आ गई। जहां जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गृह मंत्रालय में अवर सचिव आनंद जोशी से सीबीआई की विशेष अपराध प्रभाग के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की गई। कथित तौर पर विभिन्न एनजीओ को वित्तीय लाभ के लिए एफसीआर नोटिस भेजने से संबंधित मामले में जोशी की तलाश की जा रही थी।
सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा कि सीबीआई जोशी की तलाश कर रही थी और ‘उनके पश्चिमी दिल्ली में होने की सूचना के आधार पर लगभग पांच बजे उन्हें हिरासत में लिया गया।’ सिंह ने कहा कि उन्हें सीबीआई मुख्यालय लाया गया है और उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
तीस्ता सीतलवाड़ से जुड़ा है मामला
आनंद जोशी
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पूछताछ के दौरान उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के सबरंग ट्रस्ट से जुड़ी फाइलों के गायब होने और अन्य मसलों पर सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए। सिंह ने बताया कि सीबीआई की टीम जोशी का पीछा कर रही थी।
शाम में सूचना मिली कि वह पश्चिमी दिल्ली में छिपे हैं। उन्हें पकड़ लिया गया। जोशी और कुछ अन्य लोगों पर भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होने और मनमाने ढंग से विदेशी सहायता नियमन कानून के तहत कई एनजीओ को नोटिस जारी करने का आरोपी बनाया गया है।
जोशी ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि एक एनजीओ को क्लीन चिट देने की वजह से उनके वरिष्ठ अधिकारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। घर पर छोड़े एक नोट में उन्होंने लिखा था कि उनके वरिष्ठ अधिकारी उन्हें मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं।