नोटबंदी में सीमित मात्रा में धन जमा करवाने की सरकारी नीति का खामियाजा एक गारमेंट्स कंपनी के प्रबंधक को 50 लाख रुपये गंवा कर भुगतना पड़ा। बैंक अधिकारियों से सेटिंग होने का झांसा देकर प्रबंधक का परिचित उनसे जमा करवाने के लिए 50 लाख रुपये लेकर हड़प गया। आरोपी ने अपने सभी संपर्क खत्म कर दिए। मजबूर होकर प्रबंधक ने सेंट्रल थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया।
महरौली दिल्ली निवासी बसंत खत्री की गुड़गांव में गारमेंट्स फैक्ट्री है। नोटबंदी की घोषणा के बाद उनके ग्राहकों ने बकाया देना शुरू कर दिया था। बैंकों में भीड़ होने की वजह से वह धन जमा नहीं करवा पा रहे थे। फरीदाबाद में रहने वाले उनकेे परिचित नागी ने बैंक अधिकारियों से सेटिंग होने की का दावा कर उनका धन खाते में जमा करवाने को कहा। नागी एक दिन राहुल और चिंटू नाम के दो शख्स के साथ बसंत खत्री के पास पहुंचा।
उसने बताया कि इन दोनों के भी बैंक अधिकारियों से अच्छे संबंध हैं। बातों पर भरोसा कर बसंत ने नागी को बैंक में जमा करवाने के लिए 50 लाख रुपये दे दिए। कुछ दिन तो नागी उन्हें यह कह कर टालता रहा कि बैंक में भीड़ थी। कुछ दिन से उसने फोन बंद कर लिया। पचास लाख रुपये डूबने की आशंका पर उन्होंने सेंट्रल थाने में केस दर्ज कराया। मामले की जांच कर रहे एसएचओ सेंट्रल थाना इंस्पेक्टर हंसराज ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही है।