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कोर्ट पहुंचे पीड़ित परिवार ने मीडिया से बनाई दूरी, कुछ भी बोलने से किया इनकार

Wed, 10 Aug 2016 08:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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हाईवे पर हैवानियत करने वाले दरिंदों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित मां-बेटी बुधवार सुबह कोर्ट पहुंच गईं। एसीजेएम(जेडी) निधि सिसौदिया ने अकेले में दोनों के बयान दर्ज किए।  इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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काफी इंतजार कराने के बाद बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे भारी पुलिस बल की सुरक्षा में पीड़ित मां-बेटी बुलंदशहर पहुंचीं। पहले वे विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम/एफटीसी द्वितीय ध्रुव कुमार तिवारी के समक्ष उपस्थित हुईं। 

वहां से उन्हें सीजेएम पारुल श्रीवास्तव की कोर्ट में भेजा गया। उन्होंने बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें एसीजेएम(जेडी) अपर सिविल जज (जूडी) निधि सिसौदिया की कोर्ट में भेजा। 
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पुलिस छिपाती रही मां-बेटी के आने की सूचना

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
यहां पहले बेटी के बयान दर्ज हुए। इसके बाद पीड़ित मां ने अपने बयान दर्ज कराए। सील बंद लिफाफे में बयानों को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम के कोर्ट भेजा गया। वहां विवेचक आरके सिंह ने न्यायाधीश के समक्ष बयानों का अवलोकन किया। 

बयानों को पुन: सील बंद किया गया। विवेचक आरके सिंह ने बताया कि दोनों के बयान सुसंगत तथ्यों से परिपूर्ण हैं । इन बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष को न्यायालय में विचारण के दौरान मजबूती मिलेगी।

पुलिस छिपाती रही मां-बेटी के आने की सूचना
बीते सोमवार को पुलिस मीडिया को गुमराह करती रही। यही आलम बुधवार को भी रहा। पुलिस के किसी भी अधिकारी ने पीड़ित मां-बेटी के बुलंदशहर आने की स्पष्ट जानकारी नहीं दी। 
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कचहरी परिसर में लगा लोगों का जमावड़ा

गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
जिस समय पीड़ित मां-बेटी कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करा रही थीं तो परिवार के दो पुरुष एक कार में बैठे हुए थे। मीडियाकर्मियों ने पीड़ित परिवार से जब पूछा कि आप पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से सहमत हैं तो पीड़ित परिवार के सदस्यों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

कचहरी परिसर में लगा लोगों का जमावड़ा
कचहरी परिसर में भारी संख्या में मीडिया की मौजूदगी को देखते हुए अपने काम से कचहरी आए लोगों का जमावड़ा लग गया। लोग घंटों कोर्ट के बाहर डटे रहे। 

उन्होंने मीडिया से पूरी घटना की जानकारी ली और दरिंदों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को सही ठहराया। लोगों ने आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। इस दौरान कचहरी पुलिस छावनी बनी रही।
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