बिसाहड़ा गांव में गोहत्या के मामले में रविवार को दोपहर पौने दो बजे वादी सूरजपाल सिंह, बिसाहड़ा से प्रधान पति हरिओम सिंह, दीपक राणा व एचके शर्मा जारचा कोतवाली पहुंचे।
इसके बाद जांच अधिकारी व कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह ने बयान दर्ज किए। दो घंटे तक पूछताछ के दौरान 25 से 30 सवाल पूछे गए। सवाल-जवाब की विडियो रिकॉर्डिंग की गई।
कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि रविवार को दो बजे से चार बजे तक सूरजपाल से बंद कमरे में गोहत्या मामले में सवाल पूछे गए है। अब घटना स्थल पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा।
सारे प्रकरण की रिकॉर्डिंग की जाएगी। गवाहों के साथ ही गांव के प्रमुख लोगों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। वादी सूरजपाल ने बताया कि उन्होंने बयान दिया है कि ईद से एक दिन पहले गांव में छोड़े गए बछड़े को ले जाते हुए इकलाख को देखा था।
बछड़े को काटते हुए प्रेमचंद ने देखा था। वह चलने में तो लाचार हैं, लेकिन अब भी वह अखबार बिना चश्मे के पढ़ लेते हैं।मालूम हो कि 28 सितंबर की रात गोहत्या की सूचना पर इकलाख की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी।
घटना में कुल 18 आरोपियों को जेल भेजा गया, जिनमें से दो नाबालिग को जमानत मिल चुकी है। मौके से बरामद मांस की फॉरेंसिक रिपोर्ट में बीफ की पुष्टि होने के बाद सूरजपाल ने कोर्ट की मदद से इकलाख सहित उसके परिवार के सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें प्रेमपाल, ओमपाल, कंछी और रणवीर गवाह हैं।