बिसाहड़ा कांड में गोकशी के मामले में न्यायालय के द्वारा पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश देना ऐतिहासिक फैसला है।
मामले के सही तथ्य सभी के सामने आएंगे। अब लोगों को न्यायालय से न्याय मिला है।
याची पक्ष के अधिवक्ता राजीव त्यागी का कहना है कि सूरजपाल की अर्जी पर कोर्ट के आदेश से लोगों को न्याय की उम्मीद बंधी है। न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है।
कोर्ट के फैसले पर बोले याची के वकील
बिसाहड़ा कांड
- फोटो : फाइल फोटो
अब तक बिसाहड़ा कांड में पुलिस एकतरफा कार्रवाई करती रही है। अब दूसरे पक्ष की बात भी सुनी जाएगी। घटना के पीछे की वजह क्या है, इससे जुड़े तथ्य सामने आएंगे।
इकलाख के परिजनों पर पशु क्रूरता अधिनियम की धारा और गोकशी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होगी। गोकशी में दस साल का कारावास और पशु क्रूरता अधिनियम में छह माह से दो साल तक के कारावास की सजा का प्रावधान है।
न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस जांच करेंगी। जांच के चलते मांस की फारेंसिंक रिपोर्ट आ चुकी है। गोकशी संगीन वारदात होने के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है।