शुक्रवार को दिल्ली से बंदियों को गाजियाबाद पेशी पर लेकर आई दिल्ली पुलिस की वैन में बंदियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान एक गुट ने वैन में आग लगाने की कोशिश की।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वैन में मौजूद एक बंदी अजय ने आरोप लगाया कि नीरज बवाना गैंग के बदमाशों ने वैन में पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की है। वे लोग दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर बंदी को मारना चाहते हैं।
दूसरी ओर नीरज बवाना गैंग का कहना है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से खतरा है, इस वजह से माचिस से वैन में आग लगाने की कोशिश की थी। आग की सूचना कंट्रोल रूम पर दिल्ली पुलिसकर्मियों ने दी।
मौके पर पहुंची साहिबाबाद, कोतवाली और सिहानी गेट पुलिस ने दिल्ली पुलिस को भारी सुरक्षा के बीच दिल्ली तक छोड़ा। इस मामले में पुलिस अफसरों ने चुप्पी साधे रखी, उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस ने किसी कार्रवाई से इंकार किया है।
दिल्ली पुलिस कुछ बंदियों को गाजियाबाद कोर्ट में पेशी पर लाई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर बाद दिल्ली पुलिस की वैन 12 बंैदियों को लेकर गाजियाबाद से दिल्ली लौट रही थी।
वैन में मेरठ तिराहे पर अचानक आग लग गई, पुलिसकर्मी वैन से नीचे उतरे। दिल्ली पुलिसकर्र्मियों ने आग की सूचना शाम 4 बजे कंट्रोल रूम पर दी।
फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले ही आग पर पुलिसकर्मियों ने खुद ही काबू पा लिया। इस दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी, साहिबाबाद, कोतवाली और सिहानी गेट पुलिस मौके पर पहुंची।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानंे तो वैन में मौजूद बंदी अजय ने बताया कि वैन में 12 बंदी सवार थे। अजय ने पूछताछ में बताया कि दिल्ली पुलिस उसे और उसके साथियों को पेशी पर लेकर गाजियाबाद कोर्ट आई थी।
कोर्ट में पेश किए बिना ही वापस लौटी। वैन में नीरज बवाना गैंग के सदस्य बैठे हुए हैं। अजय ने बताया कि बवाना गैंग के सदस्य दिल्ली पुलिस से सांठगांठ कर उसे और उसके साथियों को मारना चाहते थे, इसलिए वैन में पेट्रोल से आग लगा दी।
अजय ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उन्हें पेशी पर लाते वक्त न खाना खाने देती है और न ही पानी पीने के लिए देती है। वैन में पेट्रोल और माचिस कैसे आई, इस सवाल का दिल्ली पुलिस ने भी जवाब नहीं दिया।
उधर, नीरज बवाना गैंग के सदस्यों ने भी दिल्ली पुलिस से अपनी जान को खतरा बताया है। बवाना गैंग के सदस्यों ने कहा कि दिल्ली पुलिस से खतरा होने के कारण उन्होंने वैन में आग लगाने की कोशिश की है, किसी को मारने का उनका प्लान नहीं था।
इस मामले में गाजियाबाद पुलिस के अधिकारी भी कुछ कहने से बचते रहे। एसएचओ कोतवाली धीरेंद्र सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस की वैन में मौजूद कैदियों के दो गुटों में टकराव की सूचना मिली थी।
मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई तो वैन में मौजूद सभी कैदी सुरक्षित थे। दिल्ली पुलिसकर्मियों ने किसी कार्रवाई की मांग नहीं की, उनका कहना था कि दिल्ली में ही कैदियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।