गाजियाबाद की सिहानी गेट पुलिस ने ऑटो चालक निर्मल हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। उसकी हत्या गांजे से भरी सिगरेट के पैसों को लेकर हुए झगड़े में की गई थी।
निर्मल बाद में पैसे देने को कह रहा था, जबकि ढाबा संचालक तुरंत पैसे मांग रहा था। पुलिस ने हत्यारोपी ढाबा संचालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कर लिया है।
एसएचओ ने बताया कि निर्मल की हत्या के आरोप में दिल्ली के बुराड़ी निवासी प्रदीप कुमार और संजय नगर सेक्टर 23 निवासी राहुल उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया है।
ऐसे शुरू हुआ था विवाद
प्रदीप पूर्व में हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। राहुल भट्टा नंबर-5 के पास ढाबे पर नशीले पदार्थ बेचता है। प्रदीप उसके यहां काम करता है। एक जुलाई की रात निर्मल दो अन्य आटो चालकों मनोज और लुंगी के साथ आटो से राहुल के ढाबे पर गया था। निर्मल ने ढाबे से गांजे से भरी सिगरेट ली।
पैसे मांगने पर उसने कहा कि वह बाद में दे देगा। राहुल ने उससे कहा कि उसे अभी पैसे चाहिए। इस पर उनकी कहासुनी हो गई। बात मारपीट तक पहुंच गई।
मारपीट के बाद निर्मल दोस्तों संग वहां से भागने लगा तो राहुल के कहने पर प्रदीप ने उन पर पिस्टल से फायरिंग कर दी, गोली निर्मल की पीठ में लगी। वह वहीं ढेर हो गया और उसके साथी भाग गए। बाद में प्रदीप और राहुल ने शव को खींचकर गुलधर गेट के पास डाल दिया था।
ऐसे पहुंची पुलिस हत्यारोपियों तक
बता दें कि निर्मल का शव दो जुलाई को पड़ा मिला था। पुलिस रोड एक्सीडेंट बता रही थी, हालांकि पोस्टमार्टम में गोली लगी आने पर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
एसएचओ ने बताया कि निर्मल लुंगी और मनोज के साथ ढाबे पर अक्सर जाता था। राहुल और प्रदीप उन्हें जानते थे, मगर उनकी दोस्ती नहीं थी।
पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि एक जुलाई की रात आखिरी बार निर्मल लुंगी और मनोज के साथ देखा गया था। उस रात के बाद से वे भी दोनों भी गायब थे। पुलिस उन्हें तलाश कर पकड़ लिया। पहले उन्हीं पर हत्या का संदेह था, मगर उनसे पूछताछ के मामला साफ हो गया।